नई दिल्ली (ब्यूटी डेस्क): चिलचिलाती गर्मी, तेज धूप और हानिकारक अल्ट्रावायलेट (UV) किरणों से त्वचा को सुरक्षित रखने के लिए ‘सनस्क्रीन’ (Sunscreen) सबसे जरूरी ब्यूटी प्रोडक्ट माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर सनस्क्रीन को अपनी त्वचा के प्रकार (Skin Type) के अनुसार न चुना जाए, तो यह फायदे की जगह आपकी स्किन को बुरी तरह डैमेज कर सकती है?
अक्सर लोग बिना सोचे-समझे बाजार से कोई भी सनस्क्रीन खरीद लेते हैं। गलत सनस्क्रीन का चुनाव चेहरे पर जिद्दी मुंहासे, भयंकर टैनिंग, एलर्जी और चिपचिपेपन का कारण बन सकता है। स्किन केयर एक्सपर्ट्स के अनुसार, सनस्क्रीन सिर्फ धूप से नहीं बचाती बल्कि त्वचा को अंदर से हेल्दी भी रखती है। आइए जानते हैं कि गलत सनस्क्रीन चुनने पर आपकी त्वचा के साथ क्या-क्या हो सकता है और सही सनस्क्रीन चुनने का सही तरीका क्या है।
गलत सनस्क्रीन चुनने पर त्वचा को होने वाले 4 बड़े नुकसान
1. मुंहासे (Pipmles) और ब्लैकहेड्स का अचानक बढ़ना
यदि आपकी त्वचा ऑयली (तैलीय) या कॉम्बिनेशन है और आप अनजाने में थिक, हैवी या ऑयल-बेस्ड सनस्क्रीन का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो यह आपकी त्वचा के रोमछिद्रों (Skin Pores) को पूरी तरह बंद कर देती है। रोमछिद्र ब्लॉक होने की वजह से चेहरे पर सीबम (तेल) जमा होने लगता है, जिससे चेहरे पर अचानक पिंपल्स, एक्ने और जिद्दी ब्लैकहेड्स की बाढ़ आ जाती है।
2. सनस्क्रीन लगाने के बाद भी भयंकर टैनिंग और सनबर्न
हमारी त्वचा का रंग कैसा होगा, यह ‘मेलेनिन’ (Melanin) नाम के पिगमेंट पर निर्भर करता है। धूप में जाने पर मेलेनिन हमारी त्वचा की रक्षा करता है, जिससे इसका प्रोडक्शन असंतुलित हो जाता है और त्वचा काली पड़ने लगती है, जिसे ‘स्किन टैन’ कहते हैं। अगर आप सनस्क्रीन खरीदते समय उसके SPF (सन प्रोटेक्शन फैक्टर) और PA Rating पर ध्यान नहीं देते हैं और कम एसपीएफ वाली सनस्क्रीन लगाते हैं, तो त्वचा को यूवीए (UVA) और यूवीबी (UVB) किरणों से पूरी सुरक्षा नहीं मिलती, जिससे सनस्क्रीन लगाने के बावजूद चेहरा काला और झुलस जाता है।
3. स्किन एलर्जी, लालपन और तेज जलन
बाजार में मिलने वाली कई सनस्क्रीन में कृत्रिम खुशबू (Fragrance), अल्कोहल और भारी केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है। यदि आपकी स्किन सेंसिटिव (संवेदनशील) है, तो ऐसा गलत फॉर्मूला चेहरे पर आते ही रिएक्ट कर सकता है। इससे त्वचा पर लाल चकत्ते (Redness), तेज खुजली, दाने और जलन की समस्या शुरू हो सकती है।
4. चेहरे पर अत्यधिक ऑयल और थका हुआ लुक
सनस्क्रीन में सिर्फ यूवी प्रोटेक्शन ही नहीं, बल्कि मॉइस्चराइजिंग एजेंट भी होते हैं। अगर आपकी त्वचा को उतने हैवी मॉइस्चराइजर की जरूरत नहीं है और आपने गलत फॉर्मूला चुन लिया है, तो लगाने के कुछ ही मिनटों बाद आपका चेहरा बेहद चिपचिपा, डल और ऑयली नजर आने लगेगा, जिससे आपका पूरा लुक खराब हो सकता है।
स्किन एक्सपर्ट्स से जानिए अपनी त्वचा के अनुसार कैसे चुनें सही सनस्क्रीन:
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ऑयली स्किन (Olely Skin) के लिए: ऐसी त्वचा वाले लोगों को हमेशा जेल-बेस्ड (Gel-Based), मैट फिनिश या वाटर-बेस्ड सनस्क्रीन का ही चुनाव करना चाहिए, जो नॉन-कॉमेडोजेनिक (रोमछिद्र बंद न करने वाली) हो।
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ड्राई स्किन (Dry Skin) के लिए: सूखी त्वचा वालों को ऐसी क्रीम-बेस्ड सनस्क्रीन चुननी चाहिए जिसमें ग्लिसरीन, हयालूरोनिक एसिड (Hyaluronic Acid) और बेहतरीन मॉइस्चराइजिंग गुण मौजूद हों।
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सेंसिटिव स्किन (Sensitive Skin) के लिए: संवेदनशील त्वचा वालों को हमेशा फ्रेगरेंस-फ्री (खुशबू रहित) और मिनरल-बेस्ड (फिजिकल) सनस्क्रीन चुननी चाहिए, जिसमें जिंक ऑक्साइड या टाइटेनियम डाइऑक्साइड हो।
सनस्क्रीन लगाने के 3 सबसे जरूरी गोल्डन रूल्स
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पैच टेस्ट है जरूरी: चेहरे पर कोई भी नई सनस्क्रीन लगाने से पहले उसे अपने कान के पीछे या हाथ की त्वचा पर लगाकर पैच टेस्ट (Patch Test) जरूर करें, ताकि एलर्जी का पता चल सके।
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घर से निकलने के 30 मिनट पहले लगाएं: सनस्क्रीन को त्वचा पर एक्टिव होने में थोड़ा समय लगता है। इसलिए धूप में निकलने से कम से कम आधा घंटा पहले इसे चेहरे और खुले अंगों पर अच्छी तरह अप्लाई करें।
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दिन में 3 बार री-अप्लाई करें: सनस्क्रीन का असर 2 से 3 घंटे में खत्म हो जाता है। इसलिए चाहे आप घर के अंदर हों या बाहर, दिन में कम से कम 3 बार सनस्क्रीन जरूर लगाएं।
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