लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्राकृतिक आपदा और बेमौसम मौसम की मार झेल रहे किसानों के लिए राहत का पिटारा खोल दिया है। बुधवार को प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने सभी जिलाधिकारियों (DM) के साथ बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए कि फसलों के नुकसान का आकलन कर किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए। इसके साथ ही, अब सभी सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए ‘फार्मर रजिस्ट्री’ में पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया गया है।
फसल नुकसान पर 72 घंटे में कार्रवाई के आदेश
मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि ओलावृष्टि, असमय वर्षा और आगजनी जैसी घटनाओं से प्रभावित रबी की फसलों का सर्वे युद्ध स्तर पर पूरा किया जाए।
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बीमा क्लेम की समय सीमा: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमित किसानों को नुकसान के 72 घंटे के भीतर आवेदन करने के लिए जागरूक किया जाएगा। जो किसान खुद आवेदन नहीं कर सकते, प्रशासन उनकी मदद करेगा।
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त्वरित राहत: पशुहानि या जनहानि की स्थिति में पीड़ित परिवार को 24 घंटे के भीतर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
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CCE एग्री ऐप का उपयोग: फसल कटाई के प्रयोग (Crop Cutting) अब पूरी तरह से ‘CCE एग्री ऐप’ के माध्यम से डिजिटल रूप से किए जाएंगे, ताकि उपज के सटीक आंकड़े मिल सकें और मुआवजे में पारदर्शिता रहे।
क्या है ‘फार्मर रजिस्ट्री’ और क्यों है जरूरी?
योगी सरकार ने कृषि योजनाओं में बिचौलियों को खत्म करने और सीधे किसानों तक लाभ पहुँचाने के लिए फार्मर रजिस्ट्री (Farmer Registry) को अनिवार्य कर दिया है।
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अनिवार्य पंजीकरण: अब पीएम किसान सम्मान निधि (PM Kisan) समेत राज्य सरकार की किसी भी योजना का लाभ तभी मिलेगा, जब किसान का नाम ‘फार्मर रजिस्ट्री’ में दर्ज होगा।
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पंचायत स्तर पर शिविर: जो किसान तकनीक का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं, उनके लिए ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष शिविर लगाकर मौके पर ही रजिस्ट्रेशन किया जाएगा।
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डिजिटल पहचान: यह रजिस्ट्री किसानों की एक डिजिटल आईडी की तरह काम करेगी, जिससे सरकारी डेटाबेस में किसान की जमीन और फसल का पूरा ब्यौरा सुरक्षित रहेगा।
अन्य महत्वपूर्ण निर्देश: आयुष्मान और दुग्ध मिशन
बैठक में मुख्य सचिव ने अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की भी समीक्षा की:
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आयुष्मान भारत: सीडीओ (CDO) को साप्ताहिक समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। हर ऑपरेटर आईडी से कम से कम एक आयुष्मान कार्ड रोज बनाना अनिवार्य होगा।
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नंद बाबा दुग्ध मिशन: पशुपालकों और डेयरी किसानों के लिए बैंकों में लंबित ऋण (Loan) के मामलों को तुरंत निपटाने और अनुदान की किस्तों का समय पर वितरण सुनिश्चित करने को कहा गया है।
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तबादले और तैनातियां: प्रशासनिक कसावट लाने के लिए 5 आईएएस अफसरों के तबादले भी किए गए हैं, ताकि फील्ड स्तर पर योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर हो सके।
मुख्य सचिव की कड़ी चेतावनी
“फील्ड स्तर के अधिकारी नुकसान वाली जगहों पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। सर्वेक्षण के कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसानों का हित हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।” — एस.पी. गोयल, मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश
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