वृंदावन में साधना के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती की अचानक तबीयत बिगड़ी: बिगड़ते स्वास्थ्य के बीच बोलीं ‘यहीं मेरी समाधि बनेगी’

भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता, पूर्व केंद्रीय मंत्री और मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती की अचानक तबीयत बिगड़ने की खबर सामने आई है। उमा भारती पिछले कुछ समय से उत्तर प्रदेश के धर्मनगरी वृंदावन में एक आश्रम में रहकर मौन साधना, जप और आध्यात्मिक ध्यान कर रही थीं। इसी दौरान अचानक उनकी सेहत में गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद स्थानीय डॉक्टरों की टीम को तुरंत उनके इलाज और जांच के लिए बुलाया गया। अपनी बिगड़ती सेहत और शारीरिक अस्वस्थता के बीच उमा भारती द्वारा दिए गए एक बयान ने उनके समर्थकों, साधु-संतों और राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। उमा भारती ने भावुक होते हुए कहा कि ब्रज भूमि और कान्हा की नगरी वृंदावन से उनका अटूट आध्यात्मिक लगाव है और यदि उनकी देह यहीं छूटती है, तो उनकी समाधि भी इसी पवित्र भूमि पर बनाई जाए।

बताया जा रहा है कि अत्यधिक शारीरिक थकान, ब्लड प्रेशर (रक्तचाप) में उतार-चढ़ाव और सांस लेने में हल्की तकलीफ के चलते उनकी हालत बिगड़ी थी। वृंदावन के जिस आश्रम में वे प्रवास कर रही हैं, वहीं पर चिकित्सकों की एक विशेष टीम तैनात की गई है जो उनके स्वास्थ्य मापदंडों पर लगातार नजर बनाए हुए है। उमा भारती हमेशा से ही सनातन धर्म, गंगा संरक्षण और अध्यात्म के प्रति समर्पित रही हैं। राजनीति से दूरी बनाकर वे अक्सर केदारनाथ, ऋषिकेश या वृंदावन जैसी पवित्र जगहों पर एकांतवास और साधना में समय व्यतीत करती हैं। ऐसे में उनके इस तरह अचानक बीमार पड़ने और ‘समाधि’ की बात कहने के बाद से ही उनके प्रशंसकों और संत समाज में चिंता की लहर दौड़ गई है।

डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी: साधु-संतों और नेताओं ने जताई जल्द स्वस्थ होने की कामना

उमा भारती की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, मथुरा-वृंदावन के वरिष्ठ चिकित्सक और पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी अलर्ट मोड पर आ गए। चिकित्सकों ने शुरुआती जांच के बाद उन्हें पूरी तरह से बैड रेस्ट (विश्राम) करने की सलाह दी है और किसी भी प्रकार के मानसिक या शारीरिक तनाव से दूर रहने को कहा है। डॉक्टरों की टीम का कहना है कि उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर है और नियमित दवाओं व देखभाल से उनके स्वास्थ्य में धीरे-धीरे सुधार देखा जा रहा है।

वृंदावन के प्रमुख संतों और महंतों ने उमा भारती के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना शुरू कर दी है। वहीं, राजनीतिक जगत से भी मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई वरिष्ठ नेताओं ने उमा भारती के स्वास्थ्य का हालचाल जाना है और उनके जल्द से जल्द पूर्ण स्वस्थ होने की प्रार्थना की है। उमा भारती के करीबियों का कहना है कि वे आध्यात्मिक रूप से बेहद दृढ़ हैं, लेकिन लगातार यात्राओं और कठोर साधना के कारण उनके शरीर पर असर पड़ा है। फिलहाल डॉक्टरों की सलाह पर उनके आश्रम में बाहरी लोगों के मिलने-जुलने पर पाबंदी लगा दी गई है ताकि वे शांतिपूर्वक विश्राम कर सकें।

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