छात्र आंदोलन के आगे झुकी सरकार? धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और CJP वार्ता पर बड़ा अपडेट

नीट पेपर लीक विवाद और देशभर में उग्र होते छात्र आंदोलन के बीच केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बीच लगातार वार्ता का दौर जारी है। जंतर-मंतर पर डटे छात्रों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को अपनी सबसे प्रमुख और गैर-समझौतावादी शर्त बना रखा है। हालांकि सरकार मुआवजे और दर्ज मुकदमों को वापस लेने पर सहमत दिख रही है, लेकिन इस्तीफे के मुद्दे पर पेंच फंसा हुआ है।

जंतर-मंतर पर बढ़ा छात्रों का जमावड़ा, बड़ा प्रदर्शन करने की चेतावनी

सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने के बाद केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ सीजेपी नेताओं की बैठकें आयोजित की गई हैं। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके और प्रवक्ता सौरभ दास ने स्पष्ट किया है कि जब तक शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं होता, तब तक यह आंदोलन समाप्त नहीं होगा। छात्र नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो देशव्यापी स्तर पर 20 जुलाई से भी अधिक विशाल और असरदार प्रदर्शन का आह्वान किया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट और संसद में भी गूंजा मुद्दा, पुलिस-प्रशासन सतर्क

संसद से लेकर सड़कों तक इस छात्र आंदोलन का असर साफ नजर आ रहा है। वीकेंड होने के कारण दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों से जंतर-मंतर पर जुटने वाले प्रदर्शनकारियों की संख्या में बड़ा उछाल देखा जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करते हुए दिल्ली पुलिस ने इलाके में पैराबारीकेडिंग और चौकसी बढ़ा दी है। वहीं, मुआवजे और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों से एफआईआर वापस लेने की मांग पर सरकार के सकारात्मक रुख के बावजूद छात्र अंतिम फैसला होने तक हटने को तैयार नहीं हैं।

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