प्रशासनिक दक्षता में हमीरपुर का डंका: CM डैशबोर्ड रैंकिंग में 9.55 अंकों के साथ प्रदेश में नंबर-1, बरेली और रामपुर भी टॉप-3 में शामिल

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘सुशासन’ (Good Governance) के मॉडल को धरातल पर उतारने में जिलों के बीच मची स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के सुखद परिणाम सामने आने लगे हैं। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की मार्च 2026 की ताजा रिपोर्ट में हमीरपुर जिले ने प्रशासनिक दक्षता, जनसुनवाई और विकास कार्यों में बाजी मारते हुए पूरे उत्तर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है।

कड़े मानकों पर हमीरपुर ने गाड़े झंडे

सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग केवल कागजी आंकड़ों पर नहीं, बल्कि बेहद कड़े मानकों पर आधारित होती है। इसमें प्रदेश के 49 विभागों के 110 कार्यक्रमों की हर माह गहन समीक्षा की जाती है।

  • संयुक्त रैंकिंग: विकास कार्यों और राजस्व प्रबंधन को मिलाकर तैयार की गई रैंकिंग में हमीरपुर ने 10 में से 9.55 अंक प्राप्त कर शीर्ष स्थान कब्जाया है।

  • दूसरे और तीसरे पायदान की जंग: बरेली जिला महज 0.01 अंक के अंतर से 9.54 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जबकि रामपुर ने 9.51 अंक पाकर तीसरा स्थान सुनिश्चित किया।

रामपुर का दबदबा बरकरार, टॉप-5 में मैनपुरी और हरदोई

रामपुर के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी के अनुसार, जिला पिछले कई महीनों से लगातार ‘टॉप टेन’ में बना हुआ है। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप विकास कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करना ही इस सफलता का मूल मंत्र है।

  • चौथा और पांचवां स्थान: रैंकिंग में मैनपुरी चौथे और हरदोई पांचवें पायदान पर रहे।

  • टॉप-10 की सूची: शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, जालौन, सोनभद्र और कौशांबी ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए शीर्ष 10 जिलों में अपनी जगह बनाई है।

क्या है सीएम डैशबोर्ड और कैसे होती है निगरानी?

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शुरू किया गया सीएम डैशबोर्ड उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी शासन का सबसे बड़ा हथियार बन गया है। इसके जरिए:

  1. रियल टाइम मॉनिटरिंग: जन कल्याणकारी योजनाओं (जैसे राशन, आवास, पेंशन) की सीधे लखनऊ से निगरानी होती है।

  2. राजस्व कार्य: जमीन संबंधी विवादों और राजस्व वसूली की स्थिति को ट्रैक किया जाता है।

  3. जनसुनवाई: आईजीआरएस (IGRS) और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता देखी जाती है।

  4. कानून-व्यवस्था: जिले में अपराध नियंत्रण और पुलिस की सक्रियता का भी मूल्यांकन किया जाता है।

हमीरपुर की इस उपलब्धि ने अन्य जिलों के लिए एक मानक स्थापित कर दिया है। शासन का मानना है कि इस तरह की रैंकिंग से जिलों में बेहतर कार्य करने की होड़ पैदा होती है, जिसका सीधा लाभ प्रदेश की जनता को मिल रहा है।

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