मैड्रिड/नई दिल्ली: दक्षिण अटलांटिक महासागर में ‘हंता वायरस’ (Hantavirus) की चपेट में आए डच क्रूज शिप MV Hondius के यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। जहाज अब स्पेन पहुंच चुका है और राहत की बात यह है कि इस पर सवार दोनों भारतीय नागरिक पूरी तरह स्वस्थ और लक्षण-मुक्त पाए गए हैं।
भारतीय दूतावास ने की पुष्टि
मैड्रिड स्थित भारतीय दूतावास ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि जहाज पर क्रू सदस्य के रूप में कार्यरत दोनों भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं। स्पेनिश नेशनल सेंटर फॉर इमरजेंसी मॉनिटरिंग एंड कोऑर्डिनेशन (CENEM) के सहयोग से उन्हें स्पेन से नीदरलैंड्स भेज दिया गया है।
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क्वारंटाइन प्रोटोकॉल: सुरक्षा के मद्देनजर, दोनों भारतीयों को नीदरलैंड्स में स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के तहत क्वारंटाइन में रखा जाएगा।
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लगातार संपर्क: भारतीय राजदूत लगातार स्पेनिश अधिकारियों और इन क्रू सदस्यों के संपर्क में हैं ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
क्या थी पूरी घटना?
डच कंपनी द्वारा संचालित इस जहाज पर कुल 150 लोग सवार थे। दक्षिण अटलांटिक की यात्रा के दौरान इस दुर्लभ और घातक वायरस ने जहाज पर दस्तक दी:
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मृत्यु: अब तक तीन यात्रियों की मौत हो चुकी है, जिनमें एक डच दंपती और एक जर्मन महिला शामिल है।
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क्वारंटाइन: मौतों के बाद, वायरस के वैश्विक प्रसार को रोकने के लिए जहाज को केप वर्डे के पास सख्त क्वारंटाइन में रखा गया था।
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स्पेन में लंगर: स्पेन पहुंचने पर इसे कैनरी द्वीप समूह के किनारे लंगर डालकर रोका गया, जहां डब्ल्यूएचओ और स्पेनिश अधिकारियों ने जांच प्रक्रिया पूरी की।
WHO की निगरानी: ‘महामारी का खतरा नहीं’
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और संयुक्त राष्ट्र (UN) के अधिकारी इस मामले पर पैनी नजर रखे हुए हैं। हालांकि, स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि:
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यह किसी नई महामारी का संकेत नहीं है।
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हंता वायरस का एक इंसान से दूसरे इंसान में बड़े पैमाने पर फैलने का जोखिम बेहद कम है।
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यह मुख्य रूप से संक्रमित चूहों के मल-मूत्र के संपर्क से फैलता है।
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