नई दिल्ली/लखनऊ। उत्तर प्रदेश समेत पूरे उत्तर भारत में सूरज की तपिश अब खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। जैसे-जैसे पारा 40 डिग्री के पार जा रहा है, अस्पतालों में ‘हीटस्ट्रोक’ यानी लू लगने के मरीजों की संख्या में इजाफा होने लगा है। लू लगना सुनने में सामान्य लग सकता है, लेकिन यदि समय रहते इसके लक्षणों की पहचान न की जाए, तो यह जानलेवा साबित हो सकता है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर के तापमान का अचानक असंतुलित होना अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है।
इन 5 लक्षणों को कभी न करें इग्नोर
अक्सर लोग धूप से आने के बाद होने वाली थकान या सिरदर्द को सामान्य कमजोरी समझ लेते हैं, लेकिन यह लू की शुरुआत हो सकती है। लू लगने पर शरीर ये 5 प्रमुख संकेत देता है:
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तेज बुखार और सिरदर्द: शरीर का तापमान अचानक बढ़ना और सिर में तेज भारीपन महसूस होना।
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चक्कर आना या बेहोशी: गर्मी के कारण ब्लड प्रेशर प्रभावित होता है, जिससे चक्कर और कमजोरी आती है।
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उल्टी और जी मिचलाना: पेट में ऐंठन के साथ मतली महसूस होना लू का गंभीर लक्षण है।
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त्वचा का लाल और सूखा होना: पसीना आना बंद हो जाना और त्वचा में रूखापन व लालिमा आना।
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गला सूखना और अत्यधिक प्यास: बार-बार पानी पीने के बावजूद गले का सूखना और डिहाइड्रेशन।
धूप में निकलना मजबूरी हो, तो अपनाएं ये तरीके
डॉक्टरों का कहना है कि अगर बहुत जरूरी न हो, तो दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलें। यदि बाहर जाना ही पड़े, तो इन बातों का विशेष ध्यान रखें:
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खाली पेट न निकलें: घर से निकलने से पहले पौष्टिक आहार लें। सिर्फ चाय या कॉफी पीकर धूप में जाना खतरनाक हो सकता है।
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हाइड्रेशन है जरूरी: हर आधे घंटे में पानी पिएं। अपने साथ पानी की बोतल, नारियल पानी या ओआरएस (ORS) जरूर रखें।
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सही पहनावा: हमेशा हल्के रंग के सूती और ढीले कपड़े पहनें। बाहर जाते समय सिर को स्कार्फ, टोपी या छाते से जरूर ढकें।
खान-पान में करें ये जरूरी बदलाव
गर्मी के मौसम में शरीर को अंदर से ठंडा रखना सबसे बड़ी चुनौती है। इसके लिए अपनी डाइट में पानी से भरपूर फलों को शामिल करें। तरबूज, खरबूजा, ककड़ी और खीरा जैसे फल न केवल पेट ठंडा रखते हैं, बल्कि शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी भी पूरी करते हैं। गन्ने का रस और ताजे फलों का जूस भी बेहतरीन विकल्प हैं।
अगर लू लग जाए तो तुरंत क्या करें?
यदि किसी व्यक्ति को लू लग गई है, तो सबसे पहले उसे ठंडी या छायादार जगह पर लिटाएं। शरीर का तापमान कम करने के लिए माथे, गर्दन और हाथ-पैरों पर ठंडे पानी की पट्टियां रखें। मरीज को तुरंत ओआरएस का घोल या नमक-चीनी का पानी पिलाएं। यदि हालत में सुधार न हो, चक्कर आए या बुखार कम न हो, तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करें।
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