ब्रिटेन में नागरिकता के नियमों में ऐतिहासिक सख्ती: 5 साल का इंतजार अब होगा 10 से 20 साल, जानें क्या हैं नए प्रस्ताव

लंदन: ब्रिटेन सरकार अपने इमिग्रेशन नियमों में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। गृह मंत्री शबाना महमूद (Shabana Mahmood) द्वारा पेश किए गए नए प्रस्तावों के अनुसार, प्रवासियों के लिए स्थायी निवास (Indefinite Leave to Remain – ILR) प्राप्त करना न केवल कठिन होगा, बल्कि इसके लिए लगने वाला समय भी दोगुना या उससे अधिक बढ़ जाएगा। यदि ये नियम लागू होते हैं, तो ब्रिटेन दुनिया के सबसे सख्त नागरिकता नियमों वाले देशों (जैसे कतर और जापान) की श्रेणी में खड़ा हो जाएगा।


प्रस्तावित बदलाव: एक नजर में

ब्रिटेन सरकार का मुख्य उद्देश्य स्थायी निवास के लिए आधारभूत अवधि को 5 साल से बढ़ाकर 10 साल करना है। अलग-अलग श्रेणियों के लिए यह समय सीमा इस प्रकार हो सकती है:

श्रेणी प्रस्तावित समय सीमा
सामान्य प्रवासी (Base Period) 10 साल
उच्च-कुशल श्रमिक (NHS डॉक्टर्स/नर्स) 5 साल (छूट के साथ)
अत्यधिक उच्च आय (£125,140+) 3 साल
कम-कुशल श्रमिक (Low-skilled) 15 साल
शरणार्थी (Refugees) 20 साल
वीजा अवधि पार करने वाले/अवैध प्रवेश 30 साल

कठोर हुए पात्रता मानदंड

सिर्फ समय ही नहीं, बल्कि स्थायी निवास के लिए योग्यता की शर्तें भी बेहद सख्त कर दी गई हैं:

  1. साफ आपराधिक रिकॉर्ड: पहले 12 महीने की सजा की एक सीमा थी, जिसे अब पूरी तरह हटा दिया गया है। यानी किसी भी तरह का आपराधिक रिकॉर्ड बाधा बन सकता है।

  2. आय की शर्त: प्रवासियों को कम से कम लगातार तीन वर्षों तक £12,570 (लगभग 13 लाख रुपये) प्रति वर्ष से अधिक की आय बनाए रखनी होगी।

  3. अंग्रेजी भाषा: भाषा का स्तर अब पहले से काफी उच्च होना अनिवार्य होगा।

  4. सामाजिक एकीकरण: जो लोग समाज में स्वयंसेवा (Volunteering) करेंगे, उन्हें समय सीमा में 2-3 साल की छूट मिल सकती है।


आखिर क्यों उठाया जा रहा है यह कदम?

सरकार ने इस बड़े बदलाव के पीछे कई प्रमुख तर्क दिए हैं:

  • बढ़ती संख्या पर लगाम: 2017 से स्थायी निवास पाने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जो जून 2025 तक 1,63,000 पहुंच गई। सरकार इसे और बढ़ने से रोकना चाहती है।

  • डेनमार्क का मॉडल: ब्रिटिश सरकार डेनमार्क से प्रेरणा ले रही है, जहां कड़े नियमों के कारण शरण आवेदनों में 40 साल की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

  • अवैध प्रवासन को हतोत्साहित करना: लंबी प्रतीक्षा अवधि से अवैध रूप से देश में प्रवेश करने वालों के लिए आकर्षण कम होगा।

विरोध और चिंताएं

इन प्रस्तावों का सबसे विवादास्पद पहलू यह है कि सरकार इन्हें पूर्वव्यापी (Retrospective) रूप से लागू करने की योजना बना रही है, यानी जो लोग पहले से ब्रिटेन में हैं उन पर भी ये नियम लागू हो सकते हैं। विरोधियों का तर्क है कि इससे मानवाधिकारों का उल्लंघन होगा और ब्रिटेन वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक अलग-थलग (Outlier) देश बन जाएगा।

विशेष रूप से शरणार्थियों के लिए 20 साल की अवधि को “अभूतपूर्व” और “अमानवीय” बताया जा रहा है, क्योंकि दुनिया के अधिकांश विकसित देशों (कनाडा, अमेरिका, यूरोपीय संघ) में यह अवधि 5 से 8 साल के बीच है।

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