वर्ल्ड डेस्क, वॉशिंगटन। व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जो भारत और अमेरिका के भविष्य के रिश्तों की दिशा तय करने वाली है। भारत में अमेरिका के नवनियुक्त राजदूत सर्जियो गोर ने वाशिंगटन दौरे के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से खास मुलाकात की है। इस उच्च स्तरीय बैठक के बाद राजदूत गोर ने जो संकेत दिए हैं, वे नई दिल्ली के लिए बेहद सकारात्मक हैं। उनके मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को अपनी विदेश नीति की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रखते हैं और इसे ‘बेहद अहम’ मानते हैं।
ओवल ऑफिस में अहम चर्चा: ट्रंप, रुबियो और गोर की तिकड़ी
राजदूत सर्जियो गोर ने इस मुलाकात की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की। उन्होंने ओवल ऑफिस की एक तस्वीर पोस्ट की, जिसमें उनके साथ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी नजर आ रहे हैं। गोर ने बताया कि अमेरिका वापसी के बाद उनकी पहली औपचारिक मुलाकात राष्ट्रपति के साथ हुई। इस बैठक में भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी, व्यापार और दक्षिण एशिया की सुरक्षा स्थिति पर गहन चर्चा होने के संकेत मिले हैं। विदेश मंत्री मार्को रुबियो की मौजूदगी इस बात का प्रमाण है कि ट्रंप प्रशासन भारत को लेकर एक ठोस और दीर्घकालिक नीति पर काम कर रहा है।
राजदूत सर्जियो गोर: ट्रंप के भरोसेमंद और भारत के ‘विशेष दूत’
सर्जियो गोर केवल एक राजदूत नहीं हैं, बल्कि उन्हें डोनाल्ड ट्रंप का बेहद करीबी माना जाता है। इसी साल जनवरी में कार्यभार संभालने वाले गोर इससे पहले व्हाइट हाउस प्रेसिडेंशियल पर्सनेल ऑफिस के निदेशक रह चुके हैं। खास बात यह है कि वह राजदूत होने के साथ-साथ दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के लिए अमेरिका के ‘विशेष दूत’ की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। जानकारों का मानना है कि गोर की सीधी पहुंच राष्ट्रपति ट्रंप तक होना भारत के लिए कूटनीतिक मोर्चे पर फायदेमंद साबित हो सकता है, जिससे दोनों देशों के बीच लंबित व्यापारिक और वीजा मुद्दों को सुलझाने में तेजी आएगी।
मोदी-ट्रंप केमिस्ट्री और साझा हितों पर जोर
अमेरिकी दूतावास ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए उन्हें ‘काम पूरा करने वाला लीडर’ बताया था। राजदूत गोर की ताजा मुलाकात इसी सिलसिले को आगे बढ़ाती दिख रही है। व्हाइट हाउस में हुई इस चर्चा के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि भारत और अमेरिका के रिश्ते केवल औपचारिक नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के साझा हितों और वैश्विक स्थिरता पर टिके हैं। विशेष रूप से हिंद-प्रशांत क्षेत्र (Indo-Pacific Region) में चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने के लिए ट्रंप प्रशासन भारत को एक अनिवार्य साथी के रूप में देख रहा है।
क्या सुलझेंगे वीजा और ट्रेड टैरिफ के मुद्दे?
हालांकि ट्रंप की नई टैरिफ नीतियों और वीजा नियमों को लेकर भारत में कुछ चिंताएं थीं, लेकिन राजदूत गोर के इस खुलासे ने उम्मीदें बढ़ा दी हैं। राजदूत ने स्पष्ट किया कि ट्रंप प्रशासन भारत के साथ संबंधों को लेकर काफी गंभीर है। आने वाले समय में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और अमेरिकी प्रतिनिधियों के बीच होने वाली मुलाकातों में व्यापार समझौते (BTA) पर जमी बर्फ पिघलने की उम्मीद है। राजदूत गोर की यह संक्षिप्त अमेरिका यात्रा भारत-अमेरिका रिश्तों में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।
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