
डिजिटल दुनिया से निकलकर मुख्यधारा के सिनेमाई पर्दे पर अपनी चमक बिखेरना आज के दौर में भले ही एक नया ट्रेंड बन रहा हो, लेकिन एक आम परिवार और यूट्यूब की दुनिया से निकलकर बॉलीवुड की दिग्गज फ्रेंचाइजी में जगह बनाना किसी सपने के सच होने जैसा होता है। भारत के सबसे चर्चित और प्रभावशाली डिजिटल क्रिएटर्स में शुमार एल्विश यादव अब बड़े पर्दे पर अपनी अदाकारी का जलवा बिखेरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। मशहूर फिल्म निर्देशक प्रियदर्शन की आइकॉनिक और कल्ट कॉमेडी फिल्म ‘मालामाल वीकली’ के बहुप्रतीक्षित सीक्वल ‘मालामाल वीकली 2’ में एल्विश यादव की एंट्री की खबरों ने एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में तहलका मचा दिया है। इस बड़ी उपलब्धि और बॉलीवुड डेब्यू की चर्चाओं के बीच एल्विश यादव ने अपनी यात्रा, संघर्ष और फिल्म इंडस्ट्री की जमीनी हकीकत पर बेहद बेबाक और भावुक बयान दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि बॉलीवुड में उनका कोई पारिवारिक बैकग्राउंड या गॉडफादर नहीं था, और यहां तक पहुंचने का रास्ता केवल उनकी मेहनत और जनता के प्यार की बदौलत ही मुमकिन हो पाया है।
यूट्यूब से बॉलीवुड का बड़ा सफर: प्रियदर्शन की कल्ट कॉमेडी में एल्विश की एंट्री
प्रियदर्शन भारतीय सिनेमा के उन गिने-चुने निर्देशकों में गिने जाते हैं जिन्होंने ‘हेरा फेरी’, ‘हंगामा’, ‘हलचल’ और ‘मालामाल वीकली’ जैसी कालजयी और सदाबहार कॉमेडी फिल्में दी हैं। जब साल 2006 में आई ‘मालामाल वीकली’ ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी सादगी और देसी हास्य से दर्शकों को लोटपोट किया था, तब किसी ने नहीं सोचा था कि इसके सीक्वल में एक दिन इंटरनेट सनसनी की एंट्री होगी।
एल्विश यादव को ‘मालामाल वीकली 2’ जैसी बड़ी और स्थापित फ्रेंचाइजी में शामिल किए जाने की खबर ने हर किसी को चौंकाया भी है और रोमांचित भी किया है। एल्विश का देसी हरियाणवी अंदाज, तीखा हास्य और कॉमिक टाइमिंग सोशल मीडिया पर पहले से ही करोड़ों लोगों की पसंद रही है। माना जा रहा है कि प्रियदर्शन ने उनके इसी स्वाभाविक देसी स्वैग और रॉ टैलेंट को ध्यान में रखते हुए उन्हें इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए चुना है। यह कदम न केवल एल्विश के करियर को एक नया मोड़ देगा, बल्कि फिल्म को आज की युवा पीढ़ी और सोशल मीडिया ऑडियंस से भी मजबूती से जोड़ेगा।
‘बॉलीवुड में मेरा कोई नहीं था’: आउटसाइडर का दर्द और अटूट आत्मविश्वास
अपनी इस नई शुरुआत पर बात करते हुए एल्विश यादव ने उन दिनों को याद किया जब उन्होंने कैमरे के सामने पहली बार वीडियो बनाना शुरू किया था। एल्विश ने कहा कि जब कोई गैर-फिल्मी पृष्ठभूमि का लड़का हरियाणा या उत्तर भारत के किसी छोटे शहर से बड़े सपने लेकर निकलता है, तो उसके लिए मुंबई की चकाचौंध भरी दुनिया में दरवाजा खटखटाना भी आसान नहीं होता।
एल्विश ने दिल छू लेने वाले अंदाज में कहा कि बॉलीवुड में उनका कोई रिश्तेदार, मेंटॉर या गॉडफादर नहीं था जो उन्हें किसी निर्देशक से मिलवा सके या किसी बड़े बैनर की फिल्म में सिफारिश कर सके। उन्होंने कहा, “जब मैंने शुरुआत की थी, तो मेरे पास केवल एक फोन का कैमरा, कुछ दोस्त और अपने हुनर पर भरोसा था। मैंने अपनी हर एक पहचान, हर एक सब्सक्राइबर और हर एक मौका अपनी मेहनत से कमाया है। जब लोग कहते थे कि यूट्यूबर्स सिर्फ इंटरनेट तक सीमित रह जाते हैं, तब भी मुझे यह विश्वास था कि अगर आपके काम में दम है और जनता आपके साथ खड़ी है, तो दुनिया का कोई भी मंच आपसे दूर नहीं हो सकता।”
‘मालामाल वीकली’ की ऐतिहासिक विरासत और सीक्वल में क्या होगा खास
साल 2006 में रिलीज हुई ‘मालामाल वीकली’ ग्रामीण भारत के एक काल्पनिक गांव लहांगपुर की पृष्ठभूमि पर आधारित थी, जिसमें एक लॉटरी टिकट के इर्द-गिर्द पूरी कहानी घूमती थी। स्वर्गीय ओम पुरी, परेश रावल, रितेश देशमुख, असरानी, राजपाल यादव और शक्ति कपूर जैसे दिग्गज कलाकारों की टोली ने उस फिल्म को कॉमेडी का मील का पत्थर बना दिया था।
ऐसे में ‘मालामाल वीकली 2’ को लेकर दर्शकों की उम्मीदें सातवें आसमान पर हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, सीक्वल में भी वही ठेठ देसी हास्य, ग्रामीण पृष्ठभूमि और सिचुएशनल कॉमेडी का तड़का देखने को मिलेगा। एल्विश यादव का किरदार कहानी में एक नया और ताजा ट्विस्ट लेकर आएगा। उनके किरदार को इस तरह गढ़ा जा रहा है जो फिल्म के पारंपरिक कॉमेडी फ्लेवर के साथ मेल खाते हुए दर्शकों को गुदगुदाने का काम करेगा।
परेश रावल जैसे मंझे हुए कलाकारों के साथ स्क्रीन शेयर करने का अनुभव
किसी भी नए कलाकार के लिए परेश रावल, राजपाल यादव और असरानी जैसे भारतीय सिनेमा के सबसे महान हास्य अभिनेताओं के साथ एक ही फ्रेम में खड़े होना बहुत बड़ा सम्मान और उतनी ही बड़ी चुनौती होती है। एल्विश यादव ने भी इस बात को स्वीकार किया कि इतने बड़े दिग्गजों के सामने काम करना सीखने का एक बहुत बड़ा अवसर है।
एल्विश ने बताया कि वे बचपन से इन सभी कलाकारों की फिल्में देखकर बड़े हुए हैं और उनके कई संवाद आज भी उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा हैं। ऐसे में उनके साथ काम करने को लेकर वे जितने उत्साहित हैं, उतने ही नर्वस भी। एल्विश ने कहा कि वे पूरी गंभीरता और तैयारी के साथ सेट पर उतरेंगे ताकि प्रियदर्शन के विजन और दर्शकों की उम्मीदों पर पूरी तरह खरा उतर सकें। उनकी कोशिश होगी कि वे अपने स्वाभाविक कॉमिक अंदाज से इन मझे हुए कलाकारों के साथ एक शानदार तालमेल बना सकें।
डिजिटल क्रिएटर्स के लिए नए दरवाजे: यूट्यूब से मेनस्ट्रीम सिनेमा का बदलता ट्रेंड
एल्विश यादव की यह छलांग केवल उनके निजी करियर की जीत नहीं है, बल्कि यह समूची डिजिटल क्रिएटर कम्युनिटी के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है। पिछले कुछ वर्षों में भारतीय मनोरंजन जगत में एक बड़ा बदलाव आया है। पहले जहां मुख्यधारा का सिनेमा डिजिटल क्रिएटर्स को गंभीरता से नहीं लेता था, वहीं अब बड़े-बड़े निर्माता और निर्देशक यूट्यूबर्स की जमीनी पहुंच और पॉपुलैरिटी को पहचान रहे हैं।
भुवन बाम, कुशा कपिला और प्राजक्ता कोली के बाद अब एल्विश यादव जैसे मास-अपील वाले यूट्यूबर का बॉलीवुड की बड़ी कॉमेडी फ्रेंचाइजी में शामिल होना इस बात का सबूत है कि टैलेंट का पैमाना अब सिर्फ फिल्मी परिवारों तक सीमित नहीं रहा। इंटरनेट ने प्रतिभा को लोकतांत्रिक बना दिया है, जहां जनता सीधे तौर पर किसी भी कलाकार को स्टार बना सकती है।
‘एल्विश आर्मी’ का जश्न और भविष्य के सिनेमाई प्रोजेक्ट्स
एल्विश यादव के इस बॉलीवुड डेब्यू की चर्चाएं सामने आते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे एक्स (ट्विटर), इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर उनके फैंस यानी ‘एल्विश आर्मी’ ने जश्न मनाना शुरू कर दिया है। इंटरनेट पर बधाई संदेशों की बाढ़ आ गई है और फैंस इसे ‘सिस्टम’ की सबसे बड़ी जीत बता रहे हैं।
बिग बॉस ओटीटी का खिताब जीतने के बाद से ही एल्विश के पास कई बड़े प्रोजेक्ट्स, म्यूजिक वीडियोज और वेब शोज के ऑफर्स की कतार लगी हुई थी। लेकिन प्रियदर्शन की फिल्म का हिस्सा बनना उनके करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है। यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि जब ‘मालामाल वीकली 2’ सिनेमाघरों में दस्तक देगी, तो बड़े पर्दे पर एल्विश यादव का यह देसी और बेबाक अंदाज दर्शकों के दिलों पर क्या जादू बिखेरता है।
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