India-Pakistan Airspace Row: पाकिस्तान की नई ‘नापाक’ हरकत, भारत का कड़ा पलटवार; 800 उड़ानों पर संकट

इस्लामाबाद/नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक तनाव अब आसमान तक पहुंच गया है। मंगलवार को पाकिस्तान ने एक बार फिर भारतीय विमानों के लिए अपने एयरस्पेस (हवाई क्षेत्र) के दरवाजे बंद कर दिए। पाकिस्तान के इस फैसले के तुरंत बाद भारत ने भी ‘जैसे को तैसा’ जवाब देते हुए पाकिस्तानी एयरलाइंस के लिए अपना हवाई क्षेत्र प्रतिबंधित कर दिया है। दोनों देशों के बीच जारी यह ‘आसमानी जंग’ अब 13वें महीने में प्रवेश कर गई है।

24 मई 2026 तक पाबंदी, NOTAM जारी

पाकिस्तानी एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ने एयरमेन (NOTAM) को एक आधिकारिक नोटिस जारी किया है। इसके तहत सभी भारतीय कॉमर्शियल और मिलिट्री एयरक्राफ्ट्स पर 24 मई, 2026 तक पाकिस्तानी एयरस्पेस का इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी गई है। गौर करने वाली बात यह है कि यह प्रतिबंध पिछले साल 24 अप्रैल 2025 से ही लागू है, जिसे अब एक साल के लिए और बढ़ा दिया गया है।

पहलगाम हमले के बाद बिगड़े हालात

इस ताजा विवाद की जड़ पहलगाम में हुए आतंकी हमले से जुड़ी है। हमले के बाद भारत ने सख्त रुख अपनाते हुए पाकिस्तान को इसका जिम्मेदार ठहराया था। इसके जवाब में पाकिस्तान ने अपनी एयरस्पेस बंद करने का दांव चला। इतिहास गवाह है कि इससे पहले 1999 के कारगिल युद्ध और 2019 के पुलवामा हमले के दौरान भी दोनों देशों के बीच हवाई रास्ते बंद हुए थे।

ईरान युद्ध और एयरस्पेस बंदी: एयरलाइंस पर दोहरी मार

वर्तमान में पश्चिम एशिया (ईरान युद्ध) में चल रहे संघर्ष के कारण पहले से ही इंटरनेशनल रूट प्रभावित हैं। अब पाकिस्तान की इस हरकत से भारतीय एयरलाइंस, विशेषकर एयर इंडिया और इंडिगो की मुश्किलें बढ़ गई हैं:

  • लंबा रास्ता: यूरोप, कॉकासस और खाड़ी देशों तक जाने के लिए अब विमानों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है।

  • समय और ईंधन की बर्बादी: उड़ानों के समय में 15 मिनट से लेकर कई घंटों तक का इजाफा हो गया है। इससे ईंधन की खपत बढ़ी है और ऑपरेशनल कॉस्ट में भारी बढ़ोतरी हुई है।

  • स्टॉपओवर: कुछ लंबी दूरी की उड़ानों को अब विदेश में ईंधन भरने के लिए अतिरिक्त स्टॉप लेना पड़ रहा है।

करीब 800 साप्ताहिक उड़ानों पर सीधा असर

पाकिस्तानी एयरस्पेस बंद होने के चलते लगभग 800 साप्ताहिक उड़ानें (आगमन और प्रस्थान) प्रभावित हुई हैं। हालांकि, विदेशी एयरलाइनों को अभी भी दोनों देशों के एयरस्पेस से गुजरने की अनुमति है, लेकिन भारतीय और पाकिस्तानी विमानों के लिए रास्ते बंद होने से आम यात्रियों की जेब पर भी सीधा असर पड़ने की आशंका है।

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