ईरान-इजरायल युद्ध: क्या खामेनेई का ‘पाताल लोक’ सुरक्षित है? 50 लड़ाकू विमानों की बमबारी से कांपा तेहरान

नई दिल्ली/यरूशलेम। मिडिल ईस्ट में बारूद की गंध अब और भी तीखी हो गई है। इजरायल और ईरान के बीच जारी वर्चस्व की जंग अब उस मुकाम पर पहुंच गई है, जहां से वापसी का रास्ता नजर नहीं आ रहा। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल ने ईरान पर अब तक का सबसे भीषण हवाई हमला किया है। दावा किया जा रहा है कि इजरायल के करीब 50 अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों ने ईरान के उन ठिकानों को निशाना बनाया है, जिन्हें ‘अभेद्य’ माना जाता था। इस हमले के बाद सबसे बड़ा सवाल ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की सुरक्षा को लेकर उठ रहा है।

खामेनेई के अंडरग्राउंड बंकर पर इजरायल की नजर

सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि इजरायली वायुसेना का मुख्य लक्ष्य ईरान के वे भूमिगत बंकर थे, जहां खामेनेई और उनकी सैन्य कमान सुरक्षित छिपे होने का दावा करती है। इजरायल ने जिस तरह से सटीक बमबारी की है, उसने ईरानी डिफेंस सिस्टम (S-300) की पोल खोलकर रख दी है। बताया जा रहा है कि ये हमले इतने जोरदार थे कि तेहरान के बाहरी इलाकों में जमीन कई किलोमीटर तक दहल गई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में आसमान में आग के गोले और धमाकों की गूंज साफ सुनी जा सकती है, जिसने 1991 के खाड़ी युद्ध की यादें ताजा कर दी हैं।

50 फाइटर जेट्स और खतरनाक ‘बंकर बस्टर’ बमों का तांडव

इजरायल ने इस मिशन के लिए अपने सबसे घातक बेड़े का इस्तेमाल किया है। सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि इन विमानों में F-35 स्टील्थ फाइटर भी शामिल थे, जिन्हें रडार भी नहीं पकड़ सकते। हमले में ‘बंकर बस्टर’ बमों के इस्तेमाल की आशंका जताई जा रही है, जो कंक्रीट की कई फीट मोटी परतों को चीरते हुए जमीन के अंदर तबाही मचाते हैं। इजरायल का संदेश साफ है— ईरान की धरती पर ऐसा कोई कोना नहीं है, जहां इजरायली मिसाइलें न पहुंच सकें। यह हमला केवल सैन्य ठिकानों पर नहीं, बल्कि ईरान के मनोवैज्ञानिक हौसले पर भी एक बड़ी चोट है।

जवाबी कार्रवाई की तैयारी में ईरान, दुनिया पर संकट

इस हमले के बाद ईरान में हाई-लेवल मीटिंग्स का दौर शुरू हो गया है। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने कसम खाई है कि वे इस ‘कायरतापूर्ण’ हमले का बदला लेंगे। जानकारों का कहना है कि अगर ईरान ने पलटवार किया, तो यह युद्ध सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं रहेगा। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और वैश्विक सप्लाई चेन के ठप होने का डर पूरी दुनिया को सताने लगा है। अमेरिका और यूरोपीय देश भी अपनी नजरें गड़ाए हुए हैं, क्योंकि लेबनान से लेकर यमन तक फैले ईरान समर्थित गुट भी इस युद्ध में कूद सकते हैं।

Check Also

‘युद्ध का कोई सैन्य हल नहीं, सिर्फ एक ही रास्ता’: ईरान ने अमेरिका को दिया सीधा संदेश, होर्मुज पर कड़ा रुख

मध्य पूर्व में बढ़ते भीषण तनाव और अमेरिकी दबाव के बीच ईरान ने वाशिंगटन को …