सोशल मीडिया और कुछ अंतरराष्ट्रीय वेबसाइटों पर इन दिनों यह चर्चा जोरों पर है कि एलन मस्क की इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला (Tesla) ने भारत से अपना कारोबार समेटने का फैसला कर लिया है। दावे किए जा रहे हैं कि टेस्ला ने भारत में अपना मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने का प्लान रद्द कर दिया है। लेकिन, अगर आप भी इस खबर से परेशान हैं, तो आपको पूरी सच्चाई जानने की जरूरत है।
क्या है वायरल दावों की सच्चाई?
टेस्ला के भारत छोड़ने की खबरें पूरी तरह से अफवाह हैं। 19 मई को कुछ विदेशी वेबसाइटों ने भारत के भारी उद्योग मंत्री एचडी कुमारस्वामी के पुराने बयानों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया, जिसके बाद यह गलतफहमी फैली। भारी उद्योग मंत्रालय के सूत्रों ने इन रिपोर्ट्स को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि टेस्ला के भारत छोड़ने को लेकर न तो कोई आधिकारिक फैसला हुआ है और न ही मंत्रालय की ओर से ऐसा कोई बयान दिया गया है।
टेस्ला का रिटेल ऑपरेशन जारी
सच्चाई यह है कि टेस्ला न केवल भारत में बनी हुई है, बल्कि अपना विस्तार भी कर रही है। कंपनी का भारत में रिटेल ऑपरेशन सुचारू रूप से चल रहा है। अभी हाल ही में 14 मई 2026 को टेस्ला ने बेंगलुरु के व्हाइटफील्ड में अपना नया एक्सपीरियंस सेंटर खोला है। इसके अलावा, कंपनी ने भारतीय बाजार के लिए अपनी नई 6-सीटर इलेक्ट्रिक SUV ‘Model Y L’ को भी पेश किया है।
निवेश और शर्तों का पेच: कहां फंसी है बात?
टेस्ला और भारत सरकार के बीच सहमति न बन पाने का मुख्य कारण ‘इन्वेस्टमेंट कमिटमेंट’ है।
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टेस्ला की मांग: एलन मस्क चाहते थे कि सरकार पहले आयात शुल्क (Import Duty) में भारी कटौती करे, ताकि वे बाहरी बाजारों से कारें लाकर भारतीय बाजार की डिमांड को भांप सकें।
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सरकार का रुख: भारत सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ नीति बहुत स्पष्ट है। सरकार का कहना है कि टैक्स में छूट तभी मिलेगी जब टेस्ला भारत में फैक्ट्री लगाने और निवेश करने का पक्का वादा करे।
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सरकार का ऑफर: नई ईवी पॉलिसी के तहत, अगर कोई कंपनी 500 मिलियन डॉलर (लगभग 4,150 करोड़ रुपये) का निवेश करती है, तो उसे 70-100% आयात शुल्क के बजाय केवल 15% टैक्स पर कारें इंपोर्ट करने की छूट दी जाएगी। इसी निवेश की पक्की गारंटी पर टेस्ला और सरकार के बीच फिलहाल बातचीत ठहरी हुई है।
भारत में टेस्ला का प्रदर्शन और चुनौतियां
जुलाई 2025 में भारतीय बाजार में कदम रखने के बाद से टेस्ला के लिए राह आसान नहीं रही है। आयात शुल्क के कारण कारों की ऊंची कीमत (जैसे Model Y L की शुरुआती कीमत 61.99 लाख रुपये) बिक्री के लिहाज से एक बड़ी बाधा बनी हुई है। हालांकि, अप्रैल 2026 तक बिक्री का आंकड़ा लगभग 383 गाड़ियों तक पहुंचा है, जिसे बढ़ाने के लिए कंपनी ग्राहकों को भारी डिस्काउंट भी दे रही है।
निष्कर्ष यह है कि टेस्ला भारत से भाग नहीं रही है, बल्कि एक बड़ी वैश्विक कंपनी के रूप में वह भारत सरकार की सख्त नीतियों और अपने व्यापारिक हितों के बीच एक सही तालमेल बिठाने की कोशिश कर रही है। जब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं होती, ऐसी खबरों को महज अफवाह माना जाना चाहिए।
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