इशाक डार और मार्को रुबियो की मुलाकात: क्या ईरान-अमेरिका युद्ध खत्म होने की ओर? जानें बड़ी बातें

पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच न्यूयॉर्क में हुई हालिया मुलाकात ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। यह मुलाकात ऐसे संवेदनशील समय में हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच पिछले तीन महीनों से चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए संभावित शांति समझौते की खबरें तेज हैं।

रुबियो और डार के बीच क्या हुई बात?

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बैठक के बाद सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी कि उन्होंने पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार के साथ सार्थक चर्चा की। रुबियो ने मध्य पूर्व (West Asia) में शांति प्रयासों को बढ़ावा देने में पाकिस्तान की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने अपनी सुरक्षा और समृद्धि के लिए द्विपक्षीय साझेदारी को और अधिक मजबूत करने पर सहमति जताई है।

अब्राहम समझौते और पाकिस्तान की मध्यस्थता

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन देशों से ‘अब्राहम समझौते’ (Abraham Accords) में शामिल होने की अपील की है जो अमेरिका-ईरान वार्ता में मध्यस्थता कर रहे हैं। गौरतलब है कि अब्राहम समझौता इजरायल और कई अरब देशों के बीच राजनयिक व आर्थिक संबंध स्थापित करने के लिए एक ऐतिहासिक पहल है।

पाकिस्तान, जिसने आधिकारिक तौर पर इजरायल को मान्यता नहीं दी है, इस पूरे संघर्ष में एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ के रूप में उभर रहा है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी सार्वजनिक रूप से ईरान के साथ शांति समझौते के प्रयासों का समर्थन किया है, ताकि ईरान की आर्थिक क्षमता को बचाया जा सके और पूरे क्षेत्र में स्थिरता आ सके।

कूटनीति बनाम अन्य विकल्प

भले ही शांति वार्ता की खबरें सकारात्मक लग रही हों, लेकिन अमेरिका और ईरान का रुख अभी भी काफी सख्त बना हुआ है। व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति ट्रंप की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के बाद मार्को रुबियो ने संकेत दिया कि प्रशासन को उम्मीद है कि अगले कुछ घंटों या दिनों में वार्ता में प्रगति देखने को मिलेगी। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि यदि कूटनीति (Diplomacy) विफल रहती है, तो अमेरिका अन्य विकल्पों पर भी विचार करने के लिए तैयार है।

कूटनीतिक संदर्भ

इशाक डार न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बहस में भाग लेने के लिए पहुंचे थे, जो चीनी विदेश मंत्री वांग यी के निमंत्रण पर आयोजित की गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि डार की रुबियो के साथ यह मुलाकात वैश्विक स्तर पर बदलते समीकरणों और भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर द्वारा नई दिल्ली में आयोजित ‘क्वाड’ (Quad) बैठक के बाद की भू-राजनीतिक हलचल के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है।

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