अमेरिका और इजरायल के बीच जारी रणनीतिक दोस्ती में इस समय बयानों के जरिए एक नई तल्खी देखने को मिल रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के एक हालिया दावे पर पलटवार करते हुए इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने एक बेहद तीखा और चिढ़ाने वाला बयान दिया है. ट्रंप ने दावा किया था कि इजरायल और नेतन्याहू वही करते हैं, जो करने के लिए वह निर्देश देते हैं. इसके जवाब में नेतन्याहू ने ट्रंप के दावे को सिरे से खारिज करते हुए इसे पूरी तरह गलत करार दिया है.
डोनाल्ड ट्रंप ने क्या दावा किया था?
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ‘एक्सियॉस’ (Axios) को दिए एक इंटरव्यू में पूछा गया था कि क्या वह इजरायल को लेबनान पर सैन्य कार्रवाई करने से रोक सकते हैं और क्या उनके पास इस क्षेत्र में इजरायली सेना को नियंत्रित करने की क्षमता है? इस पर ट्रंप ने बेहद आत्मविश्वास के साथ जवाब दिया, “हाँ, मैं ऐसा कर पाऊंगा. वे (नेतन्याहू) मेरी बहुत इज्जत करते हैं और जो मैं कहता हूँ, वही करते हैं.” ट्रंप ने यह भी जोड़ दिया था कि उनके समर्थन के बिना इजरायल का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाएगा और उन्हें नेतन्याहू को ‘थोड़ा ठीक’ रखना पड़ता है.
नेतन्याहू का पलटवार: “लोग तो कहते हैं ट्रंप मेरी सुनते हैं”
डोनाल्ड ट्रंप की इस टिप्पणी का जवाब देते हुए इजरायली पीएम नेतन्याहू ने ‘जेरूसलम न्यूज सिंडिकेट’ के अंतरराष्ट्रीय नीति शिखर सम्मेलन 206 को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसा सोचना बिल्कुल गलत है. नेतन्याहू ने चुटकी लेते हुए कहा, “अमेरिका में तो लोग यह तक कहते हैं कि राष्ट्रपति ट्रंप वह सब कुछ करते हैं जो मैं उनसे करने को कहता हूँ. वहीं, इजरायल में लोग कहते हैं कि मैं वह सब कुछ करता हूँ जो वे (ट्रंप) मुझसे कराना चाहते हैं. सच तो यह है कि दोनों ही बातें पूरी तरह झूठ हैं.”
नेतन्याहू ने साफ किया कि दोनों नेता दो अलग-अलग संप्रभु (Sovereign) देशों का नेतृत्व करते हैं. उन्होंने कहा, “हम स्वतंत्र और गौरवशाली देशों के नेता हैं. हम अपने-अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा के लिए खड़े होते हैं. अक्सर हमारे विचार एक जैसे होते हैं, और कभी-कभी नहीं भी होते. लेकिन हम एक-दूसरे के नेतृत्व का सम्मान करते हैं.”
ईरान समझौते और लेबनान हमले को लेकर दोनों देशों में तनाव
गौरतलब है कि अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के खिलाफ एक संयुक्त लड़ाई की शुरुआत की थी. लेकिन बाद में ट्रंप प्रशासन ने तेहरान के साथ एक समझौता (Iran Agreement) साइन कर लिया. अब अमेरिकी सरकार का मानना है कि इजरायल द्वारा लेबनान पर लगातार किए जा रहे हमले इस शांति समझौते को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिसकी वजह से ट्रंप ने तेल अवीव की आलोचना भी की है.
इस विवाद के बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) ने भी ईरान समझौते का विरोध करने वाले इजरायली मंत्रियों को कड़ी चेतावनी दी है. वेंस ने एक प्रेस ब्रीफिंग में सख्त लहजे में कहा, “अगर मैं इजरायली सरकार की कैबिनेट में होता, तो शायद मैं दुनिया में अपने सबसे मजबूत और इकलौते शक्तिशाली सहयोगी (अमेरिका) पर इस तरह बयानबाजी करके हमला नहीं कर रहा होता.”
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