मिर्जापुर के ट्रेलर में कमजोर दिखे ‘कालीन भैया’ या यह है किसी बड़े तूफान से पहले की शांति? पंकज त्रिपाठी के बदले तेवरों पर भड़की पब्लिक की उत्सुकता, सोशल मीडिया पर छिड़ी ‘घायल शेर’ के कमबैक की बहस

ओटीटी प्लेटफॉर्म अमेज़न प्राइम वीडियो की सबसे चर्चित और लोकप्रिय क्राइम-थ्रिलर फ्रेंचाइजी ‘मिर्जापुर’ के ट्रेलर के सामने आते ही इंटरनेट का पारा चढ़ गया है। मिर्जापुर का नया सीजन किस दिशा में जाएगा, इसका अंदाजा तो फैंस ट्रेलर देखकर लगा ही रहे हैं, लेकिन जिस एक बात ने सबसे ज्यादा दर्शकों का ध्यान खींचा है, वह है पूर्वांचल के बेताज बादशाह ‘अखंडानंद त्रिपाठी’ यानी हमारे ‘कालीन भैया’ (पंकज त्रिपाठी) का बदला हुआ रूप। पिछले सीजनों में अपनी एक धीमी सी मुस्कान, भारी आवाज और आंखों ही आंखों में खौफ पैदा कर देने वाले कालीन भैया इस बार ट्रेलर में थोड़े थके हुए, खामोश और संघर्ष करते नजर आ रहे हैं। इस बदलाव को देखकर मिर्जापुर के दीवाने फैंस के बीच बहस छिड़ गई है कि क्या ‘कालीन भैया’ की सल्तनत वाकई खत्म हो चुकी है या फिर यह गद्दी वापस हासिल करने के लिए किसी बड़े तूफान से पहले की खामोशी है।

ट्रेलर में दिखाया गया है कि गोलीबारी के उस खूनी खेल के बाद कालीन भैया जैसे-तैसे अपनी जान बचाकर शरद शुक्ला (अंजुम शर्मा) के साथ सुरक्षित ठिकाने पर पहुंचे हैं। वहीं दूसरी ओर, गुड्डू पंडित (अली फजल) और गोलू गुप्ता (श्वेता त्रिपाठी) ने मिर्जापुर की गद्दी पर कब्जा जमा लिया है और वे पूरे शहर में अपनी दहशत फैलाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। गद्दी छिन जाने के बाद कालीन भैया का जो धीमा और असहाय सा अंदाज ट्रेलर में दिखा है, उसे लेकर सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ आ गई है और दर्शक दो गुटों में बंटते नजर आ रहे हैं।

‘घायल शेर’ या खो गया औरा? कालीन भैया के नए अंदाज पर बंटी पब्लिक

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर), इंस्टाग्राम और यूट्यूब कमेंट सेक्शन में फैंस कालीन भैया के इस बदले अवतार का गहराई से विश्लेषण कर रहे हैं। एक बड़े दर्शक वर्ग का मानना है कि मिर्जापुर की असली पहचान ही कालीन भैया का वह रुतबा और ‘औरा’ (Aura) था, जिसमें वे बिना बंदूक उठाए सिर्फ अपनी आवाज और रुतबे से पूरे शहर को नचाते थे। कुछ फैंस ने निराशा व्यक्त करते हुए लिखा कि ट्रेलर में गुड्डू पंडित का आक्रामक रुख कालीन भैया के प्रभाव पर भारी पड़ता दिख रहा है और कालीन भैया पहले जैसे निडर नहीं लग रहे हैं।

हालांकि, सिनेमा और ओटीटी के समीक्षकों व निष्ठावान फैंस का एक दूसरा गुट कालीन भैया के इस नए रूप को उनके किरदार की सबसे बड़ी ताकत मान रहा है। प्रशंसकों का कहना है कि जो शेर घायल होता है, वह और अधिक खतरनाक हो जाता है। जब कालीन भैया का बेटा मुन्ना भैया मारा जा चुका है और उनकी पूरी सल्तनत बिखर चुकी है, तो ऐसे में सीधे युद्ध में कूदने के बजाय शांत रहकर अपनी ताकत जुटाना ही उनकी सबसे बड़ी कूटनीति है। दर्शकों के अनुसार, पंकज त्रिपाठी एक ऐसे मंझे हुए अभिनेता हैं जो केवल अपनी खामोशी से भी सीन में जान फूंक देते हैं और उनका यह सुस्त-सा दिखने वाला अंदाज वास्तव में ‘मास्टरमाइंड माइंडगेम’ की शुरुआत है।

ट्रेलर में गुड्डू पंडित का सनकीपन और हाथ में बंदूक लेकर मिर्जापुर के नियम बदलने का तेवर जहां युवाओं को रोमांचित कर रहा है, वहीं बीना त्रिपाठी (रसिका दुगल) की अंदरूनी चालें और जौनपुर के शरद शुक्ला का कालीन भैया का सहारा बनना कहानी में जबरदस्त ट्विस्ट जोड़ रहा है। पब्लिक रिएक्शन में यह बात साफ नजर आ रही है कि भले ही गुड्डू पंडित ने गद्दी पर बैठकर अपनी जगह बना ली हो, लेकिन दर्शकों का दिल अब भी कालीन भैया के उस एक डायलॉग या खूनी कमबैक के इंतजार में धड़क रहा है। मिर्जापुर के नए सीजन को लेकर बना यह जबरदस्त हाइप यह साबित करता है कि कालीन भैया चाहे बैकफुट पर हों या फ्रंटफुट पर, मिर्जापुर का असली राजा आज भी दर्शक उन्हीं को मानते हैं।

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