
भारतीय सिनेमा के इतिहास में कई सुपरस्टार्स आए, लेकिन 1930 और 1940 के दशक में एक ऐसी अभिनेत्री का राज था, जिसने पुरुष प्रधान इंडस्ट्री में अपनी बादशाहत कायम की। हम बात कर रहे हैं दिग्गज एक्ट्रेस और सिंगर कानन देवी (Kanan Devi) की, जिन्हें बॉलीवुड की पहली करोड़पति एक्ट्रेस माना जाता है।
जब 15 हजार में बनती थी फिल्म, तब कानन लेती थीं लाखों
22 अप्रैल 1916 को जन्मी कानन देवी की लोकप्रियता का आलम यह था कि हर बड़ा प्रोड्यूसर उन्हें अपनी फिल्म में साइन करने के लिए कतार में खड़ा रहता था। उस दौर में जहां पूरी फिल्म का बजट महज 15 से 20 हजार रुपये होता था, वहीं कानन देवी एक फिल्म के लिए 5 लाख रुपये और एक गाने के लिए 1 लाख रुपये की भारी-भरकम फीस वसूलती थीं। आज के लिहाज से यह रकम करोड़ों रुपये के बराबर है।
इंडस्ट्री की पहली महिला जिन्हें मिला ‘मैडम’ का दर्जा
अपनी जादुई आवाज और दमदार अभिनय से दर्शकों को दीवाना बनाने वाली कानन देवी सिनेमा जगत की पहली ऐसी महिला थीं, जिन्हें पूरे सम्मान के साथ ‘मैडम’ कहकर पुकारा जाता था। उन्होंने अपने करियर में 57 फिल्में कीं और लगभग 40 गानों को अपनी आवाज दी। ‘मुक्ति’, ‘विद्यापति’, ‘स्ट्रीट सिंगर’ और ‘जवाब’ जैसी फिल्में उनके करियर की सबसे बड़ी हिट साबित हुईं।
दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से हुईं सम्मानित
केएल सहगल, अशोक कुमार और पंकज मलिक जैसे दिग्गज कलाकारों के साथ काम करने वाली कानन देवी को भारतीय सिनेमा में उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए भारत सरकार द्वारा प्रतिष्ठित दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से भी नवाजा गया था। अगर उनकी पर्सनल लाइफ की बात करें तो 1940 में उन्होंने अशोक मैत्र से शादी की थी, लेकिन यह रिश्ता लंबा नहीं चला और 1945 में दोनों का तलाक हो गया। मेल-डॉमिनेटेड इंडस्ट्री में अपनी शर्तों पर जीने वाली कानन देवी आज भी सिनेमाई इतिहास की एक अमर मिसाल हैं।
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