आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी, खराब खान-पान, पर्याप्त पानी न पीने की आदत और सुस्त जीवनशैली के कारण गुर्दे की पथरी (Kidney Stone) की समस्या तेजी से बढ़ रही है। किडनी में पथरी होने पर पेट और पीठ में असहनीय तेज दर्द, पेशाब करते समय गंभीर जलन और बार-बार टॉयलेट आने जैसी कष्टदायक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
इस दर्द से निजात पाने के लिए लोग अक्सर भारी-भरकम दवाओं का सहारा लेते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि हमारी रसोई में मौजूद कुछ प्राकृतिक पेय और सब्जियों के रस इस समस्या में रामबाण साबित हो सकते हैं। हेल्थ वेबसाइट गुडआरएक्स के अनुसार, हालांकि मेडिकल साइंस में ‘किडनी डिटॉक्स’ जैसा कोई शब्द नहीं है क्योंकि किडनी खुद को प्राकृतिक रूप से साफ करती है, लेकिन कुछ खास जूस इसके काम को आसान बना देते हैं। आइए जानते हैं उन घरेलू और असरदार जूस के बारे में जो पथरी को गलाकर बाहर निकालने में मदद कर सकते हैं।
गाजर का रस: एंटीऑक्सीडेंट का खजाना, कम करेगा पथरी का खतरा
गाजर का जूस न सिर्फ आंखों के लिए बल्कि गुर्दे की सेहत के लिए भी बेहद गुणकारी माना जाता है।
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सूजन से राहत: शोध से पता चला है कि गाजर में प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो शरीर और किडनी की आंतरिक सूजन को कम करने का काम करते हैं।
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किडनी की सुरक्षा: कुछ वैज्ञानिक अध्ययनों (पशुओं पर किए गए रिसर्च) से संकेत मिले हैं कि गाजर का रस किडनी को डैमेज होने से बचाता है। विशेषज्ञ पथरी के खतरे को कम करने के लिए रोजाना लगभग दो गिलास ताजी गाजर का जूस पीने की सलाह देते हैं।
चुकंदर का रस: बढ़ेगा ब्लड फ्लो, लेकिन ऑक्सालेट के मरीज रखें ध्यान
चुकंदर (Beetroot) का गाढ़ा लाल रस भी सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, बशर्ते इसे सही मात्रा में लिया जाए।
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ब्लड प्रेशर पर कंट्रोल: एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर चुकंदर का रस किडनी को होने वाले नुकसान को रोकता है और हाई ब्लड प्रेशर (रक्तचाप) को नियंत्रित रखता है।
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सावधानी: जिन लोगों को कैल्शियम-ऑक्सालेट वाली पथरी की शिकायत है, उन्हें चुकंदर का रस बेहद सीमित मात्रा में या डॉक्टर की सलाह पर ही पीना चाहिए, क्योंकि चुकंदर में ऑक्सालेट की मात्रा अधिक होती है जो पथरी को बढ़ा सकती है।
नींबू पानी: साइट्रेट की शक्ति से पिघल जाएगी पथरी
किडनी स्टोन के मरीजों के लिए नींबू पानी सबसे सुलभ और सबसे असरदार घरेलू नुस्खा माना गया है।
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अम्लता होगी कम: नींबू में प्राकृतिक रूप से साइट्रेट (Citrate) पाया जाता है। यह साइट्रेट यूरिन (मूत्र) के एसिडिक लेवल को कम करता है, जिससे नई पथरी बनने की प्रक्रिया रुक जाती है।
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रिसर्च के नतीजे: एक महत्वपूर्ण अध्ययन में पाया गया है कि दिन में दो बार (लगभग दो नींबू का रस) पानी में मिलाकर पीने से मरीजों में दोबारा पथरी होने का खतरा काफी हद तक कम हो गया।
भूलकर भी न करें ये गलतियां, जूस पीते समय रखें इन बातों का ध्यान
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी प्राकृतिक जूस का फायदा तभी मिलता है जब उसे सही तरीके से तैयार किया जाए:
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चीनी और नमक से दूरी: जूस या नींबू पानी में बहुत ज्यादा चीनी या एक्स्ट्रा नमक मिलाने से उसके औषधीय गुण खत्म हो जाते हैं। हमेशा बिना चीनी का ताजा जूस ही पिएं।
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पानी की सही मात्रा: केवल जूस पीना ही काफी नहीं है। पूरे दिन में कम से कम 3 से 4 लीटर पानी पीना सबसे जरूरी है, क्योंकि पानी ही पथरी को यूरिन के रास्ते फ्लश आउट (बाहर) करता है।
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डॉक्टरी सलाह है जरूरी: यदि पथरी का आकार बड़ा है, बार-बार पथरी बन रही है या असहनीय दर्द के साथ बुखार आ रहा है, तो केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर न रहें। तुरंत यूरोलॉजिस्ट (नेफ्रोलॉजिस्ट) से संपर्क कर उचित इलाज शुरू कराएं।
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