Kids Diet in Monsoon: बारिश के मौसम में अपने छोटे बच्चे को भूलकर भी न दें ये 5 चीजें, जरा-सी लापरवाही पड़ सकती है भारी

नई दिल्ली/हेल्थ डेस्क: बारिश का मौसम (Monsoon Season) जहां एक तरफ चिलचिलाती गर्मी से राहत देता है, वहीं दूसरी तरफ यह मौसम अपने साथ कई तरह के संक्रमण और बीमारियां भी लेकर आता है. इस दौरान हवा और वातावरण में नमी (Humidity) बढ़ने के कारण इंफेक्शन फैलाने वाले बैक्टीरिया और वायरस अत्यधिक एक्टिव हो जाते हैं. चूंकि छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) वयस्कों की तुलना में कमजोर होती है, इसलिए उनके बीमार पड़ने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है.

डाइट और हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, मानसून के दिनों में बच्चों के खान-पान को लेकर की गई जरा-सी लापरवाही भी उनके पेट, पाचन और सेहत पर भारी पड़ सकती है. आइए जानते हैं कि बारिश के मौसम में बच्चों की डाइट से किन चीजों को तुरंत बाहर कर देना चाहिए:

1. स्ट्रीट फूड और बाहर का खाना (Street Food)

बरसात के मौसम में सड़क किनारे मिलने वाली चाट, गोलगप्पे, पकौड़ी, समोसे, बर्गर और अन्य स्ट्रीट फूड से बच्चों को पूरी तरह दूर रखना चाहिए.

  • दूषित पानी और तेल का खतरा: खुले में मिलने वाले इन खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाला पानी और तेल अक्सर दूषित होता है. इसके अलावा, मक्खियां और हवा में मौजूद बैक्टीरिया इन पर आसानी से बैठ जाते हैं, जिससे बच्चों में फूड पॉइजनिंग, डायरिया और पेट के इन्फेक्शन का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.

2. पहले से कटे हुए फल और बासी भोजन (Cut Fruits & Stale Food)

बाजार में मिलने वाले या घर में भी लंबे समय से कटे हुए रखे फल बच्चों को बिल्कुल न दें.

  • बैक्टीरिया का घर: हवा में नमी होने के कारण कटे हुए फलों और सब्जियों पर बैक्टीरिया व फंगस बहुत तेजी से पनपते हैं. इसी तरह, फ्रिज में रखा हुआ बासी भोजन भी इस मौसम में जल्दी खराब हो जाता है, जो बच्चों के पेट में मरोड़ और उल्टी-दस्त का कारण बन सकता है. हमेशा बच्चों को तुरंत कटे हुए ताजे फल और ताजा गर्म खाना ही खिलाएं.

3. कोल्ड ड्रिंक्स और सॉफ्ट ड्रिंक्स (Cold & Soft Drinks)

बारिश के मौसम में मौसम में लगातार बदलाव होता रहता है, जिससे तापमान ऊपर-नीचे होता है.

  • कमजोर पाचन और इंफेक्शन: इस मौसम में बच्चों को कोल्ड ड्रिंक्स, पैकेज्ड जूस या अत्यधिक ठंडी चीजें देने से बचना चाहिए. यह चीजें बच्चों के गले में इंफेक्शन, टॉन्सिल, सर्दी-जुकाम और खांसी को बुलावा देती हैं. इसके विकल्प के रूप में बच्चों को हल्का गुनगुना पानी, घर पर बना ताजा सूप या नारियल पानी दें.

4. अत्यधिक तला-भुना और मसालेदार खाना (Oily & Spicy Food)

मानसून के दौरान इंसानी शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे बच्चों का पाचन तंत्र (Digestive System) कमजोर पड़ जाता है.

  • अपच और एसिडिटी: ऐसे में ज्यादा तेल, घी, मसाले या हैवी फूड (जैसे पूरी, पराठे या बाजार के चिप्स) बच्चों के पेट पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं. इससे बच्चों को पेट दर्द, गैस, एसिडिटी, भारीपन और अपच की शिकायत हो सकती है. बच्चों को इस मौसम में सुपाच्य और हल्का भोजन (जैसे खिचड़ी, दलिया या दाल-चावल) देना सबसे बेहतर रहता है.

5. बिना धुली पत्तेदार सब्जियां (Leafy Vegetables)

यूं तो हरी पत्तेदार सब्जियां सेहत के लिए बहुत फायदेमंद मानी जाती हैं, लेकिन मानसून में इन्हें लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए.

  • छिपे हुए कीटाणु: बारिश के दिनों में पालक, मेथी, बंदगोभी जैसी पत्तेदार सब्जियों में कीचड़, मिट्टी और बारीक कीटाणु/कीड़े चिपक जाते हैं, जो सामान्य तौर पर दिखाई नहीं देते. यदि इन्हें बिना अच्छी तरह साफ किए बच्चों को खिलाया जाए, तो पेट में गंभीर संक्रमण हो सकता है. इन सब्जियों को बनाने से पहले गुनगुने पानी और नमक से 2-3 बार अच्छी तरह धोना अनिवार्य है.

पेरेंट्स के लिए क्विक मानसून टिप्स (Quick Tips for Parents)

  • बच्चों को हमेशा उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी ही गुनगुना करके पिलाएं, क्योंकि जल जनित बीमारियां (Water-borne diseases) इस मौसम में सबसे ज्यादा होती हैं।

  • खाना खिलाने से पहले बच्चों के हाथों को साबुन और पानी से अच्छी तरह से सैनिटाइज कराएं।

  • घर में पूरी सफाई रखें और बच्चों को पूरी आस्तीन के कपड़े पहनाएं ताकि वे मच्छरों (डेंगू/मलेरिया) के प्रकोप से बचे रहें।

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