किंग चार्ल्स का ट्रंप पर ‘ऐतिहासिक’ पलटवार: “अगर हम न होते, तो आप आज फ्रेंच बोल रहे होते”; व्हाइट हाउस में गूंजे ठहाके

वॉशिंगटन। ब्रिटेन के महाराजा किंग चार्ल्स III इन दिनों अपनी चार दिवसीय राजकीय यात्रा पर अमेरिका में हैं। व्हाइट हाउस में आयोजित ‘स्टेट डिनर’ के दौरान महाराजा ने अपने चिर-परिचित अंदाज में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर ऐसा तंज कसा कि वहां मौजूद सभी मेहमान अपनी हंसी नहीं रोक पाए। किंग चार्ल्स ने ट्रंप द्वारा यूरोपीय देशों पर की गई पिछली टिप्पणियों का जवाब देते हुए इतिहास की याद दिला दी।

जब किंग चार्ल्स ने ट्रंप को दिखाया आइना

दरअसल, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में यूरोपीय देशों पर निशाना साधते हुए कहा था कि अगर दूसरे विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका उनकी मदद न करता, तो आज पूरा यूरोप ‘जर्मन’ भाषा बोल रहा होता। व्हाइट हाउस में भाषण के दौरान किंग चार्ल्स ने इसी बात को पकड़ लिया। उन्होंने मुस्कुराते हुए ट्रंप की ओर देखा और कहा:

“मिस्टर प्रेसिडेंट, आपने हाल ही में टिप्पणी की थी कि अगर अमेरिका न होता, तो यूरोपीय देश जर्मन बोल रहे होते। क्या मैं यह कहने की हिम्मत कर सकता हूं कि अगर हम (ब्रिटेन) न होते, तो आप आज फ्रेंच बोल रहे होते!”

क्या है इसका ऐतिहासिक संदर्भ?

किंग चार्ल्स का यह तंज करीब 250 साल पुराने इतिहास की ओर इशारा था। 18वीं शताब्दी में अमेरिका पर कब्जे के लिए ब्रिटेन और फ्रांस के बीच जबरदस्त संघर्ष चल रहा था। किंग चार्ल्स का तर्क था कि अगर ब्रिटेन ने उस समय फ्रांसीसी सेनाओं को नहीं रोका होता, तो आज अमेरिका का स्वरूप और भाषा कुछ और ही होती। गौरतलब है कि 1776 में अमेरिका ने ब्रिटेन से अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की थी, जिसे 1783 में ब्रिटेन ने आधिकारिक मान्यता दी।

नाटो और यूरोप पर ट्रंप की नाराजगी के बीच दौरा

किंग चार्ल्स का यह दौरा बेहद नाजुक समय पर हो रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप पिछले कुछ समय से ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी जैसे सहयोगी देशों से खासे नाराज चल रहे हैं।

  • होर्मुज जलडमरूमध्य का मुद्दा: ट्रंप ने इन देशों पर आरोप लगाया है कि ईरान के साथ तनाव के कारण बंद हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुलवाने में वे अमेरिका की पर्याप्त मदद नहीं कर रहे हैं।

  • नाटो से बाहर निकलने की धमकी: ट्रंप कई बार नाटो (NATO) देशों पर रक्षा बजट न बढ़ाने का आरोप लगाकर संगठन से अलग होने की चेतावनी दे चुके हैं।

  • पश्चिमी देशों के बीच तनाव: ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर सहित कई यूरोपीय नेताओं ने ट्रंप की नीतियों पर खुलकर असहमति जताई है।

कूटनीति और चुटीला अंदाज

किंग चार्ल्स और महारानी कैमिला का व्हाइट हाउस में स्वागत तो भव्य हुआ, लेकिन किंग चार्ल्स के इस तंज ने यह स्पष्ट कर दिया कि ब्रिटेन अपनी ऐतिहासिक गरिमा और यूरोपीय हितों के मामले में झुकने वाला नहीं है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस ‘मजाकिया तंज’ के जरिए किंग चार्ल्स ने ट्रंप को यह संदेश देने की कोशिश की है कि इतिहास और सुरक्षा के मामले में सभी देश एक-दूसरे के ऋणी हैं, न कि सिर्फ यूरोप अमेरिका का।

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