मौलाना जरजिस की बढ़ी मुश्किलें: श्रीकृष्ण पर विवादित बयान के बाद अब भगवान शिव पर की गई अभद्र टिप्पणी से गर्माई सियासत, बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू

धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले विवादित बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहने वाले मौलाना जरजिस अंसारी एक बार फिर बड़े विवाद के घेरे में आ गए हैं। कुछ समय पहले भगवान श्रीकृष्ण को लेकर की गई उनकी विवास्पद टिप्पणी का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब उन्होंने हिंदू धर्म के आराध्य देव भगवान शिव को लेकर एक अत्यंत अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी है। इस नए बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक भारी विरोध देखने को मिल रहा है। विभिन्न हिंदू संगठनों, अखाड़े के संतों और आम नागरिकों में इस बयान को लेकर जबरदस्त गुस्सा है और मौलाना के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।

पहले श्रीकृष्ण पर दिया था विवादित बयान

विवादों से पुराना नाता रखने वाले मौलाना जरजिस अंसारी ने इससे पहले भगवान श्रीकृष्ण को लेकर एक टिप्पणी की थी, जिसमें उन्होंने अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया था। उस दौरान भी देश के कई हिस्सों में उनके खिलाफ पुलिस में शिकायतें दर्ज कराई गई थीं और मुस्लिम धर्मगुरुओं के एक वर्ग ने भी इस तरह की बयानबाजी को सामाजिक सौहार्द के खिलाफ बताया था। उस मामले की आंच अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि अब भगवान शिव पर की गई उनकी ताजा टिप्पणी ने आग में घी का काम किया है। आलोचकों और जानकारों का कहना है कि इस तरह के बयान जानबूझकर देश की धार्मिक शांति और भाईचारे को बिगाड़ने के उद्देश्य से दिए जा रहे हैं।

सड़कों पर उतरे हिंदू संगठन, पुलिस प्रशासन अलर्ट

भगवान शिव पर की गई अभद्र टिप्पणी के विरोध में उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में हिंदूवादी संगठनों और युवाओं ने सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लगातार इस तरह के बयानों से बहुसंख्यक समाज की आस्था को ठेस पहुंचाई जा रही है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कई जगहों पर मौलाना जरजिस के खिलाफ पुतले फूंके गए और पुलिस थानों में देशद्रोह व धार्मिक भावनाएं भड़काने (IPC Section संबंधित धाराओं) के तहत एफआईआर दर्ज करने के लिए तहरीर दी गई है।

बढ़ते तनाव और आक्रोश को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना या कानून-व्यवस्था की समस्या से बचा जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल हो रहे वीडियो और बयानों की तकनीकी जांच कराई जा रही है, और साक्ष्यों के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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