लखनऊ/अमौसी। ईरान और इजरायल के बीच छिड़े भीषण महायुद्ध की तपिश अब उत्तर प्रदेश के आसमान तक पहुँच गई है। युद्ध के कारण खाड़ी देशों (Gulf Countries) के हवाई मार्ग में आए व्यवधान ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का पहिया जाम कर दिया है। शुक्रवार को लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (अमौसी) पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब दुबई, आबूधाबी, शारजाह और रियाद जाने वाली 7 प्रमुख उड़ानें अचानक रद्द कर दी गईं। इस फैसले से करीब 300 यात्रियों के टिकट मौके पर ही कैंसिल हो गए, जिससे परदेस जाने का सपना देख रहे लोगों की उम्मीदों पर पानी फिर गया।
एयरपोर्ट पर मची चीख-पुकार, अपनों की चिंता में डूबे यात्री
अमौसी एयरपोर्ट पर शुक्रवार सुबह से ही यात्रियों की भारी भीड़ जुटने लगी थी। जैसे ही फ्लाइट्स के कैंसिलेशन की खबर डिस्प्ले बोर्ड पर फ्लैश हुई, यात्री और उनके परिजन परेशान हो उठे। इनमें से अधिकांश वे श्रमिक और पेशेवर थे, जिनकी छुट्टियां खत्म हो रही थीं या जिन्हें जरूरी काम से खाड़ी देश लौटना था। कई यात्री अपने छोटे बच्चों और बुजुर्गों के साथ घंटों तक लाउंज में इस उम्मीद में बैठे रहे कि शायद कोई वैकल्पिक उड़ान मिल जाए। सुरक्षा कारणों से एयरस्पेस बंद होने के कारण एयरलाइंस कंपनियों ने हाथ खड़े कर दिए हैं, जिससे यात्रियों को भारी मानसिक और आर्थिक तनाव झेलना पड़ रहा है।
17 में से सिर्फ कुछ उड़ानें ही भर सकीं आसमान, किराया भी हुआ दोगुना
लखनऊ एयरपोर्ट से खाड़ी देशों के लिए सामान्यतः 17 उड़ानों का संचालन होता है, लेकिन युद्ध के कारण यह आंकड़ा सिमट कर रह गया है। शुक्रवार को फ्लाई दुबई की दो उड़ानें (FZ-443D और FZ-334) तो लखनऊ पहुँचीं, जिनसे 230 यात्री सुरक्षित लौटे, लेकिन यहां से जाने वाली उड़ानों में भारी कटौती की गई है। जो यात्री दुबई या अन्य देशों से लौट रहे हैं, उन्हें भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यात्रियों ने बताया कि सीधी फ्लाइट रद्द होने के कारण उन्हें बेंगलुरु या अन्य शहरों से होकर आना पड़ रहा है, जिससे न केवल समय बढ़ गया है बल्कि टिकट के दाम भी आसमान छू रहे हैं।
रमजान के बीच यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें, फंसे रहे रोजेदार
खास बात यह है कि पवित्र रमजान का महीना चल रहा है और ऐसे में कई यात्री अपने परिवार के साथ ईद मनाने या काम पर लौटने की तैयारी में थे। एयरपोर्ट पर फंसे शोएब नामक यात्री ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि रोजा होने के बावजूद उन्हें घंटों तक एयरपोर्ट पर भटकना पड़ा। खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों के परिजन भी यहां उत्तर प्रदेश में खासे परेशान हैं, क्योंकि युद्ध के कारण संचार और यात्रा दोनों ही प्रभावित हो रहे हैं। फिलहाल एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस ऑनलाइन जरूर चेक कर लें।
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