पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी गंभीर सैन्य संघर्ष की आग अब अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में व्यापारिक जहाजों को अपनी चपेट में लेने लगी है। इसी बीच बुधवार, 10 जून 2026 को ओमान तट के पास एक तेल टैंकर (Oil Tanker) पर भीषण मिसाइल हमला हुआ है। इस घटना ने भारत सरकार की चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि प्रभावित जहाज पर भारी संख्या में भारतीय नागरिक सवार थे।
भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने घटना की पुष्टि करते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। मस्कट (ओमान) में स्थित भारतीय दूतावास को तुरंत एक्टिव मोड पर डाल दिया गया है, और भारत सरकार ओमान प्रशासन के साथ मिलकर लापता नागरिकों की तलाश के लिए युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य चला रही है।
सोहार बंदरगाह से 20 समुद्री मील दूर हुआ हमला, 21 भारतीय सुरक्षित
विदेश मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक ब्यौरे के अनुसार, यह हमला पलाऊ (Palau) के झंडे वाले एक बड़े तेल टैंकर पर हुआ है:
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क्रू का विवरण: हमले के वक्त जहाज पर कुल 28 क्रू मेंबर्स (नाविक) सवार थे, जिनमें से 24 नागरिक भारतीय थे।
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बचाव अभियान: ओमान और अंतरराष्ट्रीय राहत टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 में से 21 भारतीय नाविकों को चमत्कारिक रूप से सुरक्षित बाहर निकाल लिया है, लेकिन 3 भारतीय नाविक अब भी लापता (Missing) हैं।
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लोकेशन: यह हमला ओमान के सोहार बंदरगाह (Sohar Port) से लगभग 20 समुद्री मील (Nautical Miles) की दूरी पर हुआ, जिसके बाद जहाज से आपातकालीन (SOS) संदेश भेजा गया था।
किसने और कैसे किया हमला? ब्रिटिश सुरक्षा एजेंसी का बड़ा दावा
इस हमले के पीछे किसका हाथ है, इसे लेकर अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा हलकों में बड़ी चर्चा शुरू हो गई है। ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा कंपनी एम्ब्रे (Ambrey) ने इस हमले को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली आशंका जताई है:
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अमेरिकी मिसाइल से हमले की आशंका: सुरक्षा एजेंसी के मुताबिक, यह हमला ईरान को काउंटर करने और होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर लगी सैन्य नाकेबंदी को संभालने के लिए दागी गईं अमेरिकी मिसाइलों की चपेट में आने की वजह से हुआ हो सकता है।
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सीधे इंजन रूम में लगी मिसाइल: आमतौर पर जब भी ऐसे जहाजों को चेतावनी दी जाती है, तो क्रू मेंबर्स को जहाज के अगले हिस्से (बो) में जाने को कहा जाता है और पिछले हिस्से को टारगेट किया जाता है। लेकिन इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में तेल से लदे इस टैंकर के सीधे इंजन रूम (Engine Room) में मिसाइल आकर घुसी, जिससे जहाज में भीषण आग लग गई और अफरा-तफरी मच गई।
विदेश मंत्रालय (MEA) का आधिकारिक रुख: शांति और सुरक्षित नौवहन की अपील
इस घटना के बाद विदेश मंत्रालय ने पश्चिम एशिया के हालात पर गहरा दुख और चिंता व्यक्त करते हुए अंतरराष्ट्रीय मंचों से शांति की पुरजोर अपील की है:
विदेश मंत्रालय का आधिकारिक बयान: “हम होर्मुज और उसके आसपास के क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक जहाजों (Commercial Ships) पर हो रहे लगातार हमलों से बेहद चिंतित हैं। भारत सरकार क्षेत्र में तनाव को तत्काल कम करने तथा कूटनीतिक समाधान के लिए जारी वार्ताओं को बिना किसी देरी के अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचाने की अपनी अपील को दोहराती है।”
भारत ने साफ शब्दों में कहा है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में किसी भी परिस्थिति में नागरिक ठिकानों और व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना तुरंत बंद होना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय कानूनों (International Laws) के अनुरूप समुद्री रास्तों में स्वतंत्र, सुरक्षित और अबाधित नौवहन (Free Shipping) व व्यापार को बहाल किया जाना बेहद जरूरी है, ताकि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और निर्दोष नागरिकों की जान को खतरे में पड़ने से बचाया जा सके।
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