तेहरान/दुबई। ईरान के सर्वोच्च नेता रहे आयतुल्लाह अली खामेनेई की मृत्यु के बाद उनके बेटे मुज्तबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) ने सत्ता की बागडोर तो संभाल ली है, लेकिन उनकी सेहत को लेकर आई नई रिपोर्ट्स ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी 2026 में हुए घातक हवाई हमले में मुज्तबा न केवल गंभीर रूप से घायल हुए थे, बल्कि उन्होंने अपना एक पैर भी गंवा दिया है।
क्यों सार्वजनिक नहीं हुई कोई तस्वीर?
8 मार्च 2026 को ईरान के सर्वोच्च नेता के रूप में नियुक्ति के बाद से मुज्तबा खामेनेई की एक भी फोटो या वीडियो सामने नहीं आया है। अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों और आंतरिक सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि हमले में मुज्तबा का चेहरा बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया है। चेहरे पर गहरे घाव और कटे हुए पैर के कारण वह सार्वजनिक रूप से सामने आने से बच रहे हैं। यही कारण है कि उनकी अनुपस्थिति को लेकर सोशल मीडिया पर ‘मुज्तबा कहां हैं?’ जैसे मीम्स भी वायरल हो रहे हैं।
ऑडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चला रहे देश
भले ही मुज्तबा शारीरिक रूप से लाचार नजर आ रहे हों, लेकिन सूत्रों का कहना है कि वे मानसिक रूप से पूरी तरह सक्रिय हैं। वे वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों और सैन्य कमांडरों के साथ ऑडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठकें कर रहे हैं। इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ होने वाली महत्वपूर्ण शांति वार्ता और युद्ध से जुड़े बड़े रणनीतिक फैसले मुज्तबा ही ले रहे हैं। ईरानी मीडिया ने उन्हें ‘जांबाज’ कहकर संबोधित करना शुरू कर दिया है, जिसे उनकी शारीरिक चोटों की एक आधिकारिक पुष्टि के रूप में देखा जा रहा है।
रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का बढ़ा वर्चस्व
विशेषज्ञों का मानना है कि मुज्तबा के पास फिलहाल अपने पिता जैसा पूर्ण और स्वचालित अधिकार नहीं है। उन्हें इस सर्वोच्च पद तक पहुंचाने में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की अहम भूमिका रही है। मिडिल ईस्ट इंस्टीट्यूट के एलेक्स वतनका के अनुसार, मुज्तबा फिलहाल एक ‘नाममात्र के प्रमुख’ के रूप में काम कर रहे हैं, जबकि असली ताकत सैन्य नेतृत्व के हाथों में केंद्रित हो गई है। उन्हें खुद को एक स्वतंत्र और शक्तिशाली नेता के रूप में स्थापित करने में अभी लंबा समय लग सकता है।
शांति वार्ता और ‘प्रतिरोध’ की चुनौती
मुज्तबा के स्वास्थ्य की खबरें ऐसे समय में आई हैं जब आज यानी शनिवार को इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच निर्णायक वार्ता शुरू हो रही है। हालांकि, घायल होने के बावजूद मुज्तबा के तेवर नरम नहीं पड़े हैं। उन्होंने अपने लिखित संदेशों में ‘प्रतिरोध’ जारी रखने की बात कही है और जरूरत पड़ने पर हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने की चेतावनी भी दी है। अब देखना यह है कि क्या एक पर्दे के पीछे छिपा नेता ट्रंप प्रशासन के साथ किसी ठोस समझौते पर पहुंच पाता है।
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