
उत्तर प्रदेश में मॉनसून की सक्रियता का दौर लगातार बना हुआ है और प्रदेशवासियों को फिलहाल बारिश की गतिविधियों से राहत मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के लखनऊ क्षेत्रीय केंद्र के अनुसार, पूर्वी तट और बंगाल की खाड़ी में बनी मजबूत मौसमी प्रणाली (Weather System) पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा की ओर अग्रसर होते हुए मध्य भारत और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों को व्यापक रूप से प्रभावित कर रही है। इसके प्रभाव से गंगा के मैदानी अंचलों में मॉनसून की ट्रफ लाइन (Monsoon Trough) पूरी तरह से सामान्य स्थिति में बनी हुई है, जिससे प्रदेश के पश्चिमी, मध्य, पूर्वी और बुंदेलखंड क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही और मूसलाधार बारिश का सिलसिला जोर पकड़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों का स्पष्ट कहना है कि उत्तर प्रदेश में मॉनसून अभी बिल्कुल भी कमजोर नहीं पड़ेगा, बल्कि आने वाले दिनों में यह और अधिक आक्रामक रुख अपना सकता है। प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने और वज्रपात (आकाशीय बिजली) गिरने की प्रबल आशंका व्यक्त की गई है।
यूपी के इन 14 से 15 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट, प्रशासन हुआ मुस्तैद
मौसम विभाग ने प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों की स्थिति की समीक्षा करते हुए कई जनपदों में अत्यंत भारी बारिश का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। विशेष रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड से सटे सीमावर्ती जिलों में बादलों की तगड़ी घेराबंदी देखी जा रही है। जिन जिलों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है, उनमें पश्चिमी यूपी के सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, बिजनौर, मुरादाबाद, पीलीभीत और लखीमपुर खीरी शामिल हैं। वहीं, तराई और बुंदेलखंड अंचल के जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर, बांदा, चित्रकूट, फतेहपुर, प्रयागराज, मिर्जापुर, भदोही और सोनभद्र में तेज हवाओं के साथ भारी वर्षा का अंदेशा जताया गया है। ललितपुर और सोनभद्र ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ लगभग सभी स्थानों पर मध्यम से भारी वर्षा का अनुमान है। स्थानीय जिला प्रशासनों को संभावित जलभराव, नदियों के बढ़ते जलस्तर और आकाशीय बिजली के खतरों को देखते हुए हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश जारी किए गए हैं।
मौसमी प्रणाली का चक्रव्यूह और आकाशीय बिजली की गंभीर चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिकों के अनुसार, पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और उससे सटे यूपी के हिस्सों पर एक सुस्पष्ट निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) सक्रिय है। इसके साथ ही हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवातीय परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बना हुआ है जो बंगाल की खाड़ी से लगातार नम हवाओं को उत्तर भारत की ओर खींच रहा है। इस मौसमी हलचल के चलते बादलों की सघनता बढ़ गई है। मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ गरज-चमक और बिजली कड़कने की घटनाओं को लेकर विशेष चेतावनी जारी की है। वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्षा के दौरान बादलों के बीच घर्षण से बनने वाली आकाशीय बिजली खुले क्षेत्रों, खेतों और ऊंचे पेड़ों के आसपास अत्यधिक घातक साबित हो सकती है। इसलिए लोगों को आंधी और बारिश के समय पक्के मकानों या सुरक्षित स्थानों में शरण लेने की सलाह दी गई है।
राजधानी लखनऊ, कानपुर और पूर्वांचल में मौसम का मिजाज और तापमान का गणित
राजधानी लखनऊ और उसके आसपास के जनपदों (जैसे बाराबंकी, उन्नाव, सीतापुर और रायबरेली) में भी मौसम का मिजाज पूरी तरह खुशनुमा लेकिन अनिश्चित बना हुआ है। लखनऊ में दिनभर आंशिक रूप से बादल छाए रहने और रुक-रुक कर गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है। यहाँ अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 से 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। हवा में आर्द्रता का स्तर 85 से 95 प्रतिशत तक दर्ज किया जा रहा है, जिससे बारिश न होने के अंतराल में भीषण उमस का अहसास भी हो रहा है। उधर औद्योगिक नगरी कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी है। पूर्वांचल के सुल्तानपुर, गाजीपुर और जौनपुर में छिटपुट बारिश के बाद मौसम में ठंडक घुली है, हालांकि तापमान में मामूली उतार-चढ़ाव के कारण चिपचिपी गर्मी भी लोगों को परेशान कर रही है।
किसानों और आम नागरिकों के लिए मौसम विभाग की विशेष एडवाइजरी
लगातार हो रही वर्षा और भावी पूर्वानुमान को देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों और मौसम विभाग ने राज्य के किसानों और आम जनता के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
कृषि संबंधी सलाह:
धान, तिलहन और दलहन की फसलों के खेतों में जलजमाव की स्थिति न बनने दें। अतिरिक्त पानी की निकासी का प्रबंध समय रहते पूरा कर लें।
बारिश और तेज हवाओं के अंदेशे को देखते हुए फसलों में कीटनाशकों या उर्वरकों (खाद) का छिड़काव फिलहाल टाल दें।
पशुपालक अपने मवेशियों को खुले आसमान या जर्जर छप्परों के नीचे बांधने के बजाय सुरक्षित एवं पक्के शेड में रखें।
आम नागरिकों के लिए सावधानियां:
बारिश के दौरान जलभराव वाले नीचले इलाकों, जलजमाव वाली सड़कों और अंडरपास से गुजरने से बचें।
आकाशीय बिजली चमकने के समय ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मर और लोहे के ढांचों से उचित दूरी बनाए रखें।
वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि दृश्यता (Visibility) कम होने पर फॉग लाइट जलाएं और सड़कों पर फिसलन को ध्यान में रखते हुए धीमी गति से वाहन चलाएं।
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