ईरान की चुप्पी से गहराया रहस्य: प्रभावशाली नेता अली लारीजानी को लेकर बड़ा अपडेट, क्या है तेहरान की नई रणनीति…

तेहरान/दुबई। पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव और बदलती कूटनीतिक परिस्थितियों के बीच ईरान की ओर से एक महत्वपूर्ण खामोशी देखने को मिल रही है। हालिया अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों और कयासों के बाद भी ईरान सरकार ने अभी तक आधिकारिक तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की है। इस सन्नाटे के केंद्र में ईरान के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक अली लारीजानी का नाम प्रमुखता से उभर रहा है, जो मौजूदा समय में ईरान की सत्ता के शीर्ष केंद्रों में बेहद सक्रिय हैं।

सत्ता के गलियारों में लारीजानी का बढ़ता कद

अली लारीजानी कोई साधारण नाम नहीं हैं। उन्हें ईरान की जटिल सत्ता संरचना (Power Structure) में सबसे ताकतवर और असरदार हस्तियों में शुमार किया जाता है। लारीजानी के पास कूटनीति और रणनीतिक मामलों का लंबा अनुभव है। वह पहले ईरान के मुख्य परमाणु वार्ताकार के रूप में दुनिया भर की शक्तियों के साथ लोहा ले चुके हैं और वर्तमान में ईरान की ‘राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद’ के सचिव के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनकी कार्यशैली और निर्णय लेने की क्षमता ने उन्हें सर्वोच्च नेता के भरोसेमंदों की सूची में शीर्ष पर रखा है।

परमाणु वार्ताकार से सुरक्षा परिषद के सचिव तक का सफर

लारीजानी का करियर ईरान की विदेश और सुरक्षा नीति के इर्द-गिर्द बुना गया है। परमाणु वार्ताकार के रूप में उनके कार्यकाल ने यह साबित किया कि वह कड़े अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बावजूद ईरान के हितों की रक्षा कैसे कर सकते हैं। अब, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव के तौर पर, उन पर ईरान की सुरक्षा और क्षेत्रीय प्रभुत्व को बनाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी है। अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों की नजर इस बात पर टिकी है कि इन ताजा रिपोर्टों पर ईरान की चुप्पी क्या किसी बड़े तूफान की आहट है या फिर यह एक सोची-समझी कूटनीतिक चाल है।

ईरान की चुप्पी के पीछे क्या है संदेश?

आमतौर पर किसी भी अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट पर त्वरित प्रतिक्रिया देने वाला तेहरान इस बार बेहद संयत नजर आ रहा है। लारीजानी जैसे कद्दावर नेता से जुड़े मुद्दों पर ईरान की यह ‘नो कमेंट’ वाली नीति वैश्विक मंचों पर कई सवाल खड़े कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान वर्तमान में अपनी आंतरिक और बाहरी सुरक्षा नीतियों की समीक्षा कर रहा है, और लारीजानी की इसमें अहम भूमिका हो सकती है। फिलहाल, पूरी दुनिया की निगाहें ईरान के अगले आधिकारिक बयान पर टिकी हैं।

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