
पड़ोसी देश चीन से इस वक्त एक बेहद दुखद और बड़ी खबर सामने आ रही है। चीन के दक्षिणी हिस्से में सोमवार तड़के आए एक शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में कई बहुमंजिला इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं, जिसके मलबे में दबने से दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है और कई अन्य लोग घायल हुए हैं। भूकंप के बाद पैदा हुए खौफनाक हालातों को देखते हुए प्रभावित इलाके से करीब 7,000 से अधिक नागरिकों को आनन-फानन में अपना घर और शहर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी है। प्रभावित क्षेत्र में इस समय युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
रात के सन्नाटे में आया 5.2 तीव्रता का भूकंप, नींद में ही मलबे में दबे लोग
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिंहुआ (Xinhua) की रिपोर्ट के अनुसार, यह विनाशकारी भूकंप चीन के गुआंग्शी प्रांत के लिउझोउ शहर में सोमवार रात के ठीक 12 बजकर 21 मिनट पर आया। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 5.2 मापी गई है। चूंकि भूकंप आधी रात को आया था, जब अधिकांश लोग अपने घरों में सो रहे थे, इसलिए किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस हादसे में जान गंवाने वालों में एक 63 वर्षीय बुजुर्ग पुरुष और एक 53 साल की महिला शामिल हैं। अचानक आए इन तेज झटकों से पूरा शहर दहल उठा और चारों तरफ चीख-पुकार मच गई।
13 बड़ी इमारतें ढहीं, कई लोग अस्पताल में भर्ती और यातायात व्यवस्था ठप
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भूकंप के तेज झटकों के कारण देखते ही देखते 13 बड़ी और रिहायशी इमारतें पूरी तरह जमींदोज हो गईं। मलबे से निकालकर अब तक चार गंभीर रूप से घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। वहीं, एक नागरिक अभी भी लापता है जिसकी तलाश की जा रही है। भूकंप के चलते रेल और सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। रेलवे अधिकारियों ने पटरियों (Tracks) में दरार आने की आशंका को देखते हुए तुरंत ट्रेनों की आवाजाही रोक दी है और पटरियों की बारीकी से जांच की जा रही है। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि राहत की बात यह है कि प्रभावित इलाके में बिजली, पानी, फोन लाइन और गैस की सप्लाई को तुरंत बहाल कर लिया गया है।
मलबे में जिंदगी की तलाश: स्निफर डॉग्स और भारी मशीनों के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
सोशल मीडिया पर इस आपदा के जो वीडियो सामने आ रहे हैं, वे बेहद विचलित करने वाले हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि भूकंप के झटके लगते ही लोग अपनी जान बचाने के लिए ऊंची-ऊंची इमारतों से भागकर सड़कों की तरफ दौड़ रहे हैं। ढही हुई इमारतों की जगह अब सिर्फ मलबे के विशाल ढेर नजर आ रहे हैं। इस मलबे के बीच से रास्ता बनाने और दबे हुए लोगों को जिंदा बाहर निकालने के लिए खोजी कुत्तों (स्निफर डॉग्स) की मदद ली जा रही है। हेलमेट पहने आपदा प्रबंधन के सैकड़ों कर्मचारी बड़ी-बड़ी खुदाई मशीनों और क्रेन के जरिए मलबे को हटाने के काम में जुटे हुए हैं ताकि समय रहते हर एक जिंदगी को सुरक्षित बचाया जा सके।
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