प्रतीक यादव: राजनीति की चमक-धमक से दूर, अपनी शर्तों पर जीने वाले फिटनेस आइकॉन का सफर

लखनऊ: मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और भाजपा नेता अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का व्यक्तित्व राजनीति के उस शोर-शराबे से बिल्कुल अलग था, जिसमें उनका पूरा परिवार दशकों से रचा-बसा है। जहां मुलायम सिंह कुनबे का हर सदस्य सत्ता और सियासत की सीढ़ियां चढ़ रहा था, वहीं प्रतीक ने अपनी पहचान ‘फिटनेस’, ‘बिजनेस’ और ‘समाजसेवा’ के जरिए बनाई। उनके आकस्मिक निधन ने न केवल एक परिवार को तोड़ा है, बल्कि उस प्रेरणा को भी खत्म कर दिया है जो युवाओं को सेहत के प्रति जागरूक करती थी।


सत्ता की विरासत से बड़ा था ‘फिटनेस’ का जुनून

प्रतीक यादव को उत्तर प्रदेश के सबसे फिट राजनीतिक परिवार के सदस्य के तौर पर जाना जाता था। उनके जीवन का सबसे बड़ा बदलाव उनकी शारीरिक बनावट थी।

  • बचपन का संघर्ष: बहुत कम लोग जानते हैं कि बचपन में प्रतीक मोटापे की समस्या से जूझ रहे थे।

  • बॉडी बिल्डिंग: कड़ी मेहनत और कड़े अनुशासन के दम पर उन्होंने खुद को एक बॉडी बिल्डर के रूप में ढाला। लखनऊ में उनका विश्वस्तरीय जिम ‘द फिटनेस प्लैनेट’ उनके इसी जुनून का प्रतीक है।

  • लग्जरी का शौक: उन्हें महंगी और तेज रफ्तार गाड़ियों का भी काफी शौक था, लेकिन वे हमेशा कहते थे कि उनकी सबसे बड़ी संपत्ति उनकी सेहत है। वे अक्सर युवाओं को नशे से दूर रहने और जिम में पसीना बहाने की सलाह देते थे।

अपर्णा और प्रतीक: स्कूल की दोस्ती से शादी तक का सफर

प्रतीक और अपर्णा यादव की प्रेम कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है।

  • पहली मुलाकात: दोनों की पहली मुलाकात स्कूल के दिनों में हुई थी। सालों की दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई।

  • शादी: दिसंबर 2011 में मुलायम सिंह यादव ने अपने छोटे बेटे की पसंद का सम्मान किया और सैफई में एक भव्य समारोह में दोनों की शादी हुई।

  • सपोर्ट सिस्टम: अपर्णा यादव ने राजनीति में कदम रखा, लेकिन उन्होंने हर मंच पर यह स्वीकार किया कि प्रतीक उनके सबसे बड़े मार्गदर्शक और संबल थे।

पशु प्रेम और समाज सेवा

प्रतीक यादव को जानवरों से गहरा लगाव था। वे लखनऊ में आवारा और बीमार पशुओं के कल्याण के लिए ‘जीव आश्रय’ नाम की संस्था से जुड़े थे। उन्होंने कभी भी अपनी समाज सेवा का प्रचार नहीं किया और हमेशा ‘लो-प्रोफाइल’ रहकर लोगों की मदद की। राजनीति से दूर रहकर उन्होंने रियल एस्टेट के कारोबार में अपनी एक अलग साख बनाई थी।


अधूरा रह गया एक ‘सुपर डैड’ का सफर

प्रतीक अपने पीछे अपनी पत्नी अपर्णा और दो बेटियों, प्रथमा और प्रतीक्षा को छोड़ गए हैं। अपनी बेटियों के लिए वे एक ‘सुपर-डैड’ थे। राजनीतिक मतभेदों और अपर्णा के भाजपा में शामिल होने के बावजूद, प्रतीक ने परिवार के हर सदस्य—चाहे वे अखिलेश यादव हों या शिवपाल यादव—के साथ अपने रिश्तों को बहुत ही सहजता और प्रेम के साथ निभाया। सत्ता का अहंकार कभी उनके व्यक्तित्व पर हावी नहीं हुआ।

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