केंद्र की एनडीए सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में उत्तर प्रदेश सरकार एक व्यापक जनसंपर्क अभियान शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में मंत्रिमंडल और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर इस ‘सुशासन और जनकल्याण’ अभियान की रूपरेखा तय की है।
अभियान के मुख्य आकर्षण:
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अवधि: 5 जून से 21 जून 2026 तक।
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प्रगति पथ यात्रा: हर विधानसभा क्षेत्र में 10 किलोमीटर लंबी ‘प्रगति पथ यात्रा’ निकाली जाएगी।
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जनसंवाद और रात्रि विश्राम: इस दौरान जनप्रतिनिधि (सांसद और विधायक) गांवों में रात्रि विश्राम करेंगे, चौपाल लगाकर स्थानीय लोगों और ग्राम प्रधानों से सीधा संवाद करेंगे।
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मीडिया संवाद: 11-12 जून को प्रदेश स्तर पर और 13-14 जून को जनपद स्तर पर मीडिया के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें सरकार की विकास उपलब्धियों को साझा किया जाएगा।
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जनकल्याण मेले: 14 से 16 जून के बीच प्रदेश के सभी विकास खंडों और नगरीय निकायों में जनकल्याण मेले लगेंगे, जहाँ पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने का विशेष कार्य होगा।
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विकसित भारत संकल्प सम्मेलन: 16 और 17 जून को हर जिले में इन सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के विशेष निर्देश:
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को अपने प्रभार वाले क्षेत्रों में सक्रिय समय बिताने और प्रबुद्धजनों, युवाओं, महिलाओं, किसानों व व्यापारियों के साथ ‘वन-टू-वन’ संवाद स्थापित करने के निर्देश दिए हैं।
पर्यावरण और स्वास्थ्य पर जोर:
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वृक्षारोपण: 5 जून (विश्व पर्यावरण दिवस) को ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत प्रदेशव्यापी वृहद वृक्षारोपण किया जाएगा। इसके साथ ही ‘सिंगल यूज प्लास्टिक’ मुक्त बनाने के लिए जन-जागरूकता अभियान भी चलेगा।
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योग दिवस: अभियान का समापन 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के साथ होगा, जिसके तहत प्रदेश के सभी 825 विकास खंडों और 700 से अधिक नगरीय निकायों में योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
अभियान का उद्देश्य:
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की स्वास्थ्य, शिक्षा, किसान कल्याण, निवेश, कानून-व्यवस्था और डिजिटल सेवाओं में हुई प्रगति को समाज के अंतिम पायदान तक पहुंचाना है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि व्यापक जनभागीदारी का एक अभियान होना चाहिए।
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