अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की गिनती के दौरान हुई कथित चोरी और हेराफेरी के मामले में अब राजनीतिक घमासान और ज्यादा तेज हो गया है। विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट आने के बाद जहां विपक्ष लगातार हमलावर है, वहीं अब विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने भी विपक्षी नेताओं को करारा जवाब दिया है। विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े इस पूरे विवाद पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए विपक्षी दलों पर राम मंदिर की छवि खराब करने की गहरी साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है।
‘चुन-चुनकर ट्रस्ट के पदाधिकारियों को बनाया जा रहा निशाना’
विहिप अध्यक्ष आलोक कुमार ने विपक्षी नेताओं के बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि कुछ लोग और राजनीतिक दल लगातार राम मंदिर ट्रस्ट और उससे जुड़े सम्मानित लोगों की छवि को धूमिल करने की कोशिशों में जुटे हैं। उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, “पहले सुनियोजित तरीके से ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को निशाना बनाया गया और अब ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी जी को टारगेट किया जा रहा है। विरोधियों द्वारा एक-एक व्यक्ति को चुनकर बदनाम करने की गंदी राजनीति की जा रही है।”
अखिलेश यादव के ट्वीट पर उठाए सवाल, पूछा- FIR क्यों नहीं कराई?
महंत दिनेंद्र दास से जुड़े मामले और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयानों पर आलोक कुमार ने बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि राम मंदिर ट्रस्ट को इस हेराफेरी की जानकारी विपक्ष के बोलने से पहले ही मिल गई थी, जिसके बाद ट्रस्ट ने तुरंत अपने स्तर पर आंतरिक जांच शुरू कर दी थी।
अखिलेश यादव पर सीधा निशाना साधते हुए वीएचपी अध्यक्ष ने सवाल उठाया:
-
उन्होंने कहा कि चंपत राय जी खुद इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए आगे आए और एसआईटी (SIT) के पास गए थे।
-
बाद में अखिलेश यादव ने इस संवेदनशील मुद्दे पर सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए सोशल मीडिया पर ट्वीट किया।
-
आलोक कुमार ने चुनौती देते हुए पूछा कि अगर अखिलेश यादव को इस चोरी की जानकारी पहले से थी, तो उन्होंने केवल सोशल मीडिया पर बयानबाजी करने के बजाय इसकी आधिकारिक एफआईआर (FIR) क्यों नहीं दर्ज कराई? केवल ट्वीट करने से बेहतर होता कि वे खुद कानूनी कार्रवाई की पहल करते।
सपा पर तीखा हमला: ‘मुस्लिमों की बैठकों में कारसेवकों की हत्या की बात मानते हैं’
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता उदयवीर सिंह के बयानों का जवाब देते हुए आलोक कुमार ने कहा कि इस पूरे मामले की कानूनी जांच अभी जारी है और दूध का दूध व पानी का पानी हो जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने सपा पर एक पुराना और बड़ा आरोप दोहराते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के नेता खुले तौर पर मुस्लिमों की बैठकों में कारसेवकों पर गोली चलवाने और उनकी हत्या की बात को गर्व से स्वीकार करते रहे हैं, इसलिए उनकी नीयत पर सबको पता है।
अशोक गहलोत को दी नसीहत: आपत्ति है तो सुप्रीम कोर्ट जाएं
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए विहिप अध्यक्ष ने उन्हें साफ तौर पर कोर्ट जाने की नसीहत दी। आलोक कुमार ने कहा कि अगर गहलोत जी या कांग्रेस को ट्रस्ट के कामकाज पर कोई भी आपत्ति है, तो वे सीधे सुप्रीम कोर्ट में अपनी अपील दायर करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में पहले से ही एक अपील अदालत में लंबित है और अगर माननीय सुप्रीम कोर्ट इस पर कोई भी नया निर्देश देता है, तो विहिप को उसका पालन करने में कोई आपत्ति नहीं होगी।
चांदी की ईंट और सोने की रामचरितमानस चोरी होने की उड़ी थी अफवाह, मांगी माफी
आलोक कुमार ने देश की जनता को याद दिलाया कि कुछ स्वार्थी तत्वों ने मंदिर से चांदी की ईंटें और सोने की रामचरितमानस जैसी अनमोल चीजें चोरी होने की झूठी अफवाहें फैलाई थीं, जिन्हें एसआईटी की जांच में पूरी तरह खारिज कर दिया गया है। उन्होंने कहा, “अब जब पूरी सच्चाई देश के सामने आ चुकी है और चांदी सुरक्षित पाई गई है, तो ऐसे अफवाहबाजों को देश और हिंदू समाज से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।”
वीएचपी अध्यक्ष ने अंत में बड़ा राजनीतिक आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ क्षेत्रीय और राष्ट्रीय राजनीतिक दलों का असली मकसद ‘भगवान राम’ की शुचिता नहीं, बल्कि आने वाले 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव हैं। चुनावों में ध्रुवीकरण करने के लिए ही सोची-समझी रणनीति के तहत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विहिप (VHP) जैसी संस्थाओं को बदनाम करने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है।
Shashwat Lokwarta – State News,Up News देश-दुनिया