Red Sea Escalation: लाल सागर में तेल टैंकरों पर हमले से भड़के ट्रंप; हूतियों और ईरान को दी ‘बड़े सैन्य हमले’ की चेतावनी

लाल सागर (Red Sea) और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य में जहाजों को निशाना बनाए जाने के बाद पश्चिम एशिया में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के तेल टैंकरों पर किए गए हमलों से नाराज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान और हूतियों को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है।

ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर लाल सागर में वाणिज्यिक जहाजों पर हमले तुरंत नहीं रुके, तो अमेरिका “सबसे बड़ा सैन्य हमला” (Massive Attack) करेगा और इसका सीधा जिम्मेदार ईरान को माना जाएगा।

डोनाल्ड ट्रंप का सोशल मीडिया पर कड़ा संदेश

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सख्त रुख अपनाते हुए लिखा कि हूती विद्रोही केवल ईरान के ‘प्रॉक्सी’ (सरोगेट) हैं और उनके हर कदम की जिम्मेदारी तेहरान की होगी:

“यदि हूती दोबारा ऐसा करते हैं, तो अमेरिका ईरान को सीधा जिम्मेदार ठहराएगा। हूती ईरान के प्रॉक्सी हैं। अगर हमले जारी रहे तो ईरान और हूतियों दोनों को गंभीर सैन्य कार्रवाई भुगतनी पड़ेगी।”

एक साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि ईरान को अपनी हरकतों की पूरी कीमत चुकानी होगी और वे जल्द ही बड़े सैन्य अभियान पर अंतिम फैसला ले सकते हैं।

लाल सागर में सऊदी टैंकरों पर हमला और क्रूड ऑयल में उछाल

तनाव की ताजा वजह हूतियों द्वारा लाल सागर के बाब-अल-मंदेब मार्ग पर सऊदी अरब के तेल टैंकरों (जैसे- ‘एन्सेलिया’ और ‘लैला’) को निशाना बनाना है:

  • तेल कीमतों में भारी उछाल: लाल सागर और होर्मुज की खाड़ी दोनों जगह तनाव बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) की कीमत $100 प्रति बैरल के पार निकल गई है।

  • समुद्री व्यापार पर संकट: टैंकरों पर हुए इन हमलों के बाद कई जहाजों को अपना मार्ग बदलकर अफ्रीका के चक्कर लगाकर जाने पर मजबूर होना पड़ रहा है।

अमेरिका का 12वीं-13वीं रात भी हमला जारी; ईरान का ‘जैसे को तैसा’ जवाब

अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव लगातार उग्र होता जा रहा है:

  • अमेरिकी हवाई हमले: अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के अहवाज, रामशीर, अंदिमेश्क और कशम द्वीप पर मिसाइल हमले जारी रखे हैं।

  • ईरान का पलटवार: ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि तेहरान किसी दबाव के आगे नहीं झुकेगा और ‘जैसे को तैसा’ नीति अपनाएगा। ईरानी सेना ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइलें दागी हैं।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का दावा: ‘गिड़गिड़ा रहा है ईरान’

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सख्त तेवर दिखाते हुए कहा कि जब तक ईरान अपनी हरकतों से बाज नहीं आता, उसे हर रात भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। रुबियो ने दावा किया कि ईरान पर्दे के पीछे समझौते के लिए गुहार लगा रहा है, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप तब तक किसी समझौते के लिए तैयार नहीं हैं जब तक कि सुरक्षा की सख्त शर्तें पूरी नहीं होतीं।

इस बीच पाकिस्तान और तुर्की जैसे क्षेत्रीय देश मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बढ़ते सैन्य अभियानों को देखते हुए खाड़ी देशों में शांति की उम्मीद बेहद कम नजर आ रही है।

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