
वाराणसी/प्रयागराज: काशी से लेकर प्रयागराज तक आध्यात्मिक जगत में उस समय हड़कंप मच गया, जब ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और आशुतोष महाराज के बीच का विवाद व्यक्तिगत हमलों के निचले स्तर पर पहुँच गया। कृष्ण जन्मभूमि मामले के पक्षकार और जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष महाराज ने अब शंकराचार्य के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उनके ‘नार्को टेस्ट’ की मांग कर दी है। इतना ही नहीं, उन्होंने शंकराचार्य की पत्नी और उनके कथित गुप्त रिश्तों की उच्च स्तरीय जांच कराने के लिए शासन-प्रशासन को पत्र लिखा है।
नार्को टेस्ट से खुलेगा ‘काली करतूतों’ का कच्चा चिट्ठा?
आशुतोष महाराज ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि धर्म की आड़ में कई ऐसे सच छिपे हैं जिनका बाहर आना जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि यदि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का नार्को टेस्ट कराया जाए, तो मठ के भीतर चल रहे कथित अनैतिक कार्यों और वित्तीय अनियमितताओं का सच सामने आ जाएगा। आशुतोष ने कहा, “दूध का दूध और पानी का पानी करने के लिए विज्ञान का सहारा लेना जरूरी है, ताकि जनता जान सके कि सनातन का प्रतिनिधित्व करने वाले चेहरों के पीछे का असली चरित्र क्या है।”
पत्नी और रिश्तों की जांच की मांग: चरित्र पर लगाया बड़ा लांछन
इस विवाद का सबसे चौंकाने वाला पहलू तब सामने आया जब आशुतोष महाराज ने शंकराचार्य के निजी जीवन और उनके पूर्व के रिश्तों पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि शंकराचार्य की पत्नी और उनके परिवार के अन्य सदस्यों के साथ जो संबंध रहे हैं, उनकी गहराई से जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई ऐसे ‘कनेक्शन’ हैं जो धर्म के उच्च पद की मर्यादा के खिलाफ हैं। हालांकि, शंकराचार्य पक्ष ने इन आरोपों को निराधार और विद्वेषपूर्ण बताया है।
POCSO केस और ‘पेन ड्राइव’ का रहस्य
बता दें कि यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ था जब आशुतोष महाराज ने शंकराचार्य के खिलाफ प्रयागराज में POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया था। आशुतोष का दावा है कि उनके पास एक ऐसी पेन ड्राइव है जिसमें शंकराचार्य के खिलाफ पुख्ता सबूत मौजूद हैं। वहीं, दूसरी ओर फलाहारी महाराज जैसे कई संतों ने आशुतोष महाराज को ही ‘हिस्ट्रीशीटर’ बताते हुए उनके अपने नार्को टेस्ट की मांग कर दी है। संतों के एक धड़े का मानना है कि यह सब शंकराचार्य की छवि धूमिल करने की एक गहरी साजिश है।
हाईकोर्ट की शरण में शंकराचार्य, गिरफ्तारी पर टिकीं नजरें
आरोपों की झड़ी के बीच शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) की अर्जी दाखिल की है। उन्होंने यूपी पुलिस की जांच पर अविश्वास जताते हुए मांग की है कि इस मामले की जांच किसी गैर-भाजपा शासित राज्य की पुलिस से कराई जाए। वाराणसी स्थित श्री विद्या मठ में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस किसी भी समय पूछताछ के लिए पहुँच सकती है।
Shashwat Lokwarta – State News,Up News देश-दुनिया