नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के दुरुपयोग को रोकने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कानूनी व्याख्या पेश की है। देश की शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी निजी घर की चारदीवारी के भीतर और बाहरी जनता (स्वतंत्र गवाहों) की अनुपस्थिति में कोई जातिसूचक शब्द कहे जाते हैं, …
Read More »
Shashwat Lokwarta – State News,Up News देश-दुनिया