वैदिक ज्योतिष परंपरा में दैत्यगुरु शुक्राचार्य को प्रेम, वैवाहिक सुख, आकर्षण, भौतिक वैभव, सौंदर्य, कला और आर्थिक समृद्धि का मुख्य संचालक ग्रह माना गया है। सौरमंडल में जब शुक्र वक्री अवस्था में प्रवेश करते हैं, यानी पृथ्वी के सापेक्ष उनकी गति उल्टी प्रतीत होती है, तो इसका सीधा असर मनुष्य के अंतर्मन, दांपत्य संबंधों, प्रेम जीवन और धन संचय की …
Read More »
Shashwat Lokwarta – State News,Up News देश-दुनिया