
तेहरान। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने देश की वर्तमान स्थिति और वैश्विक चुनौतियों के बीच एक बड़ा बयान जारी किया है। खामेनेई ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि ईरान आज जिस मजबूती के साथ खड़ा है, उसके पीछे जनता की वह अभूतपूर्व एकता है जिसे तोड़ पाना किसी भी बाहरी शक्ति के लिए मुमकिन नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान की इस आंतरिक शक्ति ने दुश्मन के उन सभी मंसूबों पर पानी फेर दिया है, जो देश को अस्थिर करने का सपना देख रहे थे।
मतभेदों से ऊपर उठकर देश के लिए हुए एकजुट
खामेनेई ने अपने संबोधन में इस बात पर विशेष जोर दिया कि ईरान एक विविधताओं वाला देश है, जहां लोगों की धार्मिक, बौद्धिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक पृष्ठभूमि अलग-अलग हो सकती है। उन्होंने कहा कि इन तमाम वैचारिक मतभेदों के बावजूद, जब बात राष्ट्र की रक्षा और संप्रभुता की आती है, तो ईरानी आवाम एक दीवार की तरह खड़ी हो जाती है। सर्वोच्च नेता के अनुसार, यही वह ‘विशेष एकता’ है जिसने दुश्मनों के रणनीतिकारों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है और उनकी हार का मुख्य कारण बनी है।
दुश्मन की हार का सबसे बड़ा कारण बनी ‘धार्मिक और सांस्कृतिक शक्ति’
ईरान के सर्वोच्च नेता ने कहा कि दुश्मन ने हर मोर्चे पर घेराबंदी करने की कोशिश की, लेकिन वे ईरान की सांस्कृतिक और धार्मिक जड़ों की गहराई को भांपने में विफल रहे। उन्होंने बताया कि ईरानियों की बौद्धिक चेतना ने दुश्मन के दुष्प्रचार को पहचान लिया और एकजुट होकर उसका मुकाबला किया। खामेनेई ने इस बात पर गर्व व्यक्त किया कि देशवासियों ने अपनी पहचान और मूल्यों के साथ कोई समझौता नहीं किया, जिसके परिणामस्वरूप आज विरोधी खेमे में मायूसी और हार का माहौल है।
भविष्य की चुनौतियों के लिए सतर्क रहने का आह्वान
अपने भाषण के समापन में खामेनेई ने देश की जनता को इस बड़ी जीत की बधाई दी, लेकिन साथ ही सतर्क रहने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि दुश्मन कभी भी अपनी हार को आसानी से स्वीकार नहीं करता और वह नए-नए तरीकों से समाज में फूट डालने की कोशिश करेगा। हालांकि, उन्होंने विश्वास जताया कि जब तक ईरान के नागरिक अपनी इस एकता को बरकरार रखेंगे, तब तक दुनिया की कोई भी ताकत देश का बाल भी बांका नहीं कर पाएगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान पर दबाव बनाने की कोशिशें तेज हैं।
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