‘पूर्ण विजय तक नहीं थमेगी जंग’: ट्रंप के दावों के बीच ईरानी सेना का कड़ा रुख; कहा- बातचीत की खबरें महज अफवाह

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी महायुद्ध के बीच ईरान ने एक बार फिर अपनी कसम दोहराई है कि वह पीछे हटने वाला नहीं है। मंगलवार को ईरानी सेना की शीर्ष कमान ने एक बड़ा ऐलान करते हुए स्पष्ट किया कि उनकी सशस्त्र सेनाएं ‘पूर्ण विजय’ हासिल होने तक अपनी लड़ाई जारी रखेंगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच पर्दे के पीछे बातचीत चल रही है। ईरान ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए इन्हें वित्तीय बाजारों में हेरफेर करने की साजिश बताया है।

“ईरानी सेना अडिग और विजयी”: जनरल अलीबादी की हुंकार

खातम-अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही अलीबादी ने सरकारी टेलीविजन पर देश को संबोधित करते हुए कहा कि ईरान की सेनाएं देश की अखंडता की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

  • अंतिम लक्ष्य: जनरल अलीबादी ने जोर देकर कहा, “हमारी सशस्त्र सेनाएं ईरान की रक्षा में विजयी और दृढ़ हैं। यह मार्ग तब तक जारी रहेगा जब तक हमें पूर्ण विजय प्राप्त नहीं हो जाती।”

  • वार्ता से इनकार: हालांकि उन्होंने ‘पूर्ण विजय’ की स्पष्ट परिभाषा नहीं दी, लेकिन जानकारों का मानना है कि यह अमेरिका और इजरायल को दी गई सीधी चेतावनी है कि ईरान किसी भी दबाव में झुककर समझौता नहीं करेगा।

ट्रंप के ‘सीक्रेट टॉक’ के दावों पर छिड़ा विवाद

हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बयान दिया था कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए बातचीत का दौर शुरू हो गया है। ईरान ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है:

  1. संसदीय अध्यक्ष का पलटवार: ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर कलिबफ ने सोशल मीडिया ‘X’ पर लिखा कि अमेरिका के साथ कोई वार्ता नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी ‘फर्जी खबरें’ केवल तेल और शेयर बाजारों को प्रभावित करने के लिए फैलाई जा रही हैं।

  2. कूटनीतिक सक्रियता: ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्पष्ट किया कि वे अमेरिका से नहीं, बल्कि रूस, पाकिस्तान, तुर्किये और ओमान जैसे क्षेत्रीय देशों के संपर्क में हैं ताकि युद्ध के हालात पर चर्चा की जा सके।

इजरायल का हमला जारी: नेतन्याहू के सख्त तेवर

एक तरफ ईरान युद्ध जारी रखने की बात कर रहा है, तो दूसरी तरफ इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी साफ कर दिया है कि वे रुकने वाले नहीं हैं। नेतन्याहू ने कहा कि भले ही अमेरिका युद्धविराम (Ceasefire) की बात करे, लेकिन इजरायल ईरान और लेबनान पर अपने हमले जारी रखेगा।

  • ताजा हमले: इजरायली वायुसेना ने लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर भारी बमबारी की है, जिसमें कम से कम दो लोगों की मौत की खबर है।

  • ईरान का पलटवार: जवाब में ईरान ने भी इजरायल और खाड़ी के कुछ पड़ोसी देशों की ओर मिसाइल और ड्रोन दागे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में सुरक्षा संकट गहरा गया है।

क्या ‘विश्व युद्ध’ की ओर बढ़ रहा है संकट?

ईरान की ओर से ‘पूर्ण विजय’ का संकल्प और इजरायल की ओर से ‘बिना रुके हमले’ की नीति ने कूटनीति के रास्तों को लगभग बंद कर दिया है। ट्रंप के दावों और ईरान के इनकार के बीच फंसा यह युद्ध अब केवल क्षेत्रीय नहीं रह गया है, बल्कि इसके वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर भी गंभीर परिणाम दिखने लगे हैं।

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