चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा की एक टिप्पणी ने सियासी गलियारों में आग लगा दी है। आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार द्वारा महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये देने की घोषणा पर खैहरा ने विवादित बयान देते हुए कहा कि “1000 रुपये लेकर औरतें कौन से सूरमाओं को पैदा कर देंगी।” उनके इस बयान के बाद सदन से लेकर सोशल मीडिया तक हंगामा बरपा है और उनके खिलाफ कड़ा एक्शन लिया गया है।
सदन में हंगामा और निंदा प्रस्ताव पास
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सदन में खैहरा की सोशल मीडिया पोस्ट पढ़कर सुनाई, जिसके बाद ‘आप’ की महिला विधायक इंद्रजीत मान और सरबजीत कौर ने मोर्चा खोल दिया।
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विपक्ष का रुख: नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने मामले को शांत करने की कोशिश की और कहा कि यदि ऐसा कहा गया है तो वे क्षमा मांगते हैं।
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सरकारी पक्ष: महिला विधायकों ने माफी को अपर्याप्त बताया और सख्त कार्रवाई की मांग की। हंगामे के चलते सदन को स्थगित करना पड़ा और बाद में खैहरा के खिलाफ निंदा प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किया गया।
महिला आयोग सख्त: 12 मार्च तक मांगा जवाब
पंजाब राज्य महिला आयोग ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने एसएसपी कपूरथला को निर्देश दिया है कि किसी एसपी रैंक के अधिकारी से इस आपत्तिजनक टिप्पणी की जांच कराकर रिपोर्ट पेश की जाए।
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तलब किया: आयोग ने सुखपाल खैहरा और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को 12 मार्च सुबह 11:30 बजे पेश होने का आदेश दिया है।
विवाद के बीच खैहरा की सफाई: “मैं अपनी बात पर अडिग हूं”
इतना बवाल होने के बावजूद सुखपाल खैहरा ने झुकने से इनकार कर दिया है। उन्होंने एक और वीडियो जारी कर अपनी दलील पेश की:
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चुनावी ड्रामा: खैहरा का कहना है कि अगर सरकार गंभीर थी तो पहले बजट से पैसे क्यों नहीं दिए? अब चुनाव करीब देख 1000 रुपये का ड्रामा किया जा रहा है।
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बकाया की मांग: उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के खातों में पिछले 4 साल के 48,000 रुपये एक साथ डाले।
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नशा और सुरक्षा का मुद्दा: खैहरा ने तर्क दिया कि पंजाब की महिलाओं को 1000 रुपये से ज्यादा ‘नशे के कलंक’ और ‘गैंगस्टर कल्चर’ से मुक्ति चाहिए। वे चाहती हैं कि उनके बेटे और पति घर सुरक्षित लौटें।
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