‘फायरिंग हुई ही नहीं, वो तो आंसू गैस के गोले थे…’; लोकसभा में जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी के आरोपों को नकारा

संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026’ पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए केंद्र सरकार ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सदन में स्पष्ट किया कि छात्र प्रदर्शनकारियों पर किसी तरह की कोई गोली नहीं चलाई गई थी, बल्कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए केवल आंसू गैस के गोले छोड़े गए थे।

मंत्री जितेंद्र सिंह का राहुल गांधी पर पलटवार

लोकसभा में राहुल गांधी के उस आरोप का खंडन करते हुए, जिसमें उन्होंने कहा था कि गृहमंत्री अमित शाह के आदेश पर छात्रों पर गोलियां चलाई गईं, मंत्री जितेंद्र सिंह ने दो टूक कहा:

“बार-बार यह साफ किया गया है कि कोई गोली नहीं चलाई गई; आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया था। चूंकि कोई गोली नहीं चलाई गई, इसलिए ऐसा आदेश जारी करने का सवाल ही नहीं उठता। और वैसे भी, ऐसा आदेश जारी करने का अधिकार मजिस्ट्रेट (DM) के पास होता है, किसी मंत्री के पास नहीं।”

केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि सरकार ने नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 12 जुलाई को जांच सीबीआई को सौंपी थी, और इस मामले में आरोप पत्र दायर कर सुनवाई भी शुरू हो चुकी है। नए संशोधन विधेयक के तहत अब फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई होगी और पांच महीने के भीतर फैसला आएगा।

राहुल गांधी के अन्य आरोप और सदन में हंगामा

चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने गृहमंत्री अमित शाह की सदन में अनुपस्थिति पर सवाल उठाते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए थे, जिस पर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई। संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी के बयानों को तथ्यहीन बताया।

गिरिराज सिंह ने भी इस बात की पुष्टि की कि प्रदर्शन के दौरान कोई फायरिंग नहीं हुई थी, बल्कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने पूरी संयम के साथ काम किया ताकि किसी की जान को नुकसान न पहुंचे। इसके अलावा, राहुल गांधी द्वारा आरएसएस और शिक्षा व्यवस्था को लेकर दिए गए बयानों पर भी सदन में तीखी नोकझोक देखने को मिली।

ध्वनिमत से पारित हुआ परीक्षा संशोधन विधेयक

तमाम हंगामे और राजनीतिक गहमागहमी के बीच लोकसभा में ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026’ को ध्वनिमत से मंजूरी मिल गई। विपक्ष की नारेबाजी के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया।

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