उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी पंचायत चुनावों के लिए राज्य सरकार ने आरक्षण नीति में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव किया है। इस बार ग्राम प्रधान, ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष के पदों के लिए ओबीसी (OBC) आरक्षण का निर्धारण ‘ट्रिपल टेस्ट फार्मूला’ (Triple Test Formula) के आधार पर किया जाएगा। कैबिनेट से मिली मंजूरी के बाद अब इस दिशा में प्रक्रिया तेज हो गई है।
क्या है ‘ट्रिपल टेस्ट फार्मूला’?
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, स्थानीय निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण के लिए यह फार्मूला एक अनिवार्य विधिक पैमाना है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आरक्षण केवल अनुमान के आधार पर नहीं, बल्कि पुख्ता आंकड़ों के आधार पर दिया जाए। इस फार्मूले में तीन प्रमुख शर्तें शामिल हैं:
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पहला टेस्ट (समर्पित आयोग का गठन): राज्य सरकार एक समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन करेगी। इसका काम स्थानीय निकायों में पिछड़ेपन की प्रकृति और स्थिति की गहन और वैज्ञानिक जांच करना है।
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दूसरा टेस्ट (आरक्षण का सटीक अनुपात): आयोग द्वारा एकत्रित किए गए अनुभवजन्य आंकड़ों (Empirical Data) के आधार पर ही ओबीसी के लिए सीटों का आरक्षण प्रतिशत निर्धारित किया जाएगा। यह बिना अध्ययन के मनमाने ढंग से नहीं तय होगा।
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तीसरा टेस्ट (50% की अधिकतम सीमा): यह सबसे महत्वपूर्ण है। इसके तहत अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को मिलाकर दिया गया कुल आरक्षण किसी भी स्थिति में 50% से अधिक नहीं होना चाहिए।
इस फार्मूले की जरूरत क्यों पड़ी?
अदालत का मानना है कि शिक्षा और नौकरियों में मिलने वाला आरक्षण राजनीतिक प्रतिनिधित्व से अलग है। राजनीतिक पिछड़ेपन को साबित करने के लिए सरकार के पास समकालीन और सटीक आंकड़े होने जरूरी हैं। यदि कोई राज्य सरकार इन तीन शर्तों को पूरा किए बिना चुनाव कराती है, तो उन ओबीसी सीटों को ‘सामान्य श्रेणी’ (General Category) माना जाएगा। इसी संवैधानिक वैधानिकता को बनाए रखने के लिए यूपी सरकार इस बार पूरी तैयारी के साथ आगे बढ़ रही है।
कब तक पूरी होगी प्रक्रिया?
शासन के अनुसार, समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का कार्यकाल 6 महीने का होगा। आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति प्रक्रिया जून के पहले सप्ताह तक पूरी होने की उम्मीद है। जिन क्षेत्रों में ओबीसी वर्ग के सटीक आंकड़े मौजूद नहीं हैं, वहां नए सिरे से सर्वे कराया जाएगा। इसी रिपोर्ट के आधार पर आरक्षण की अंतिम रूपरेखा तैयार की जाएगी।
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