ट्रंप का विवादित बयान: “जहाज पकड़ने से ज्यादा मजा उन्हें डुबोने में है”, ईरानी युद्धपोत पर हमले में 87 नाविकों की मौत के बाद बोले अमेरिकी राष्ट्रपति

वाशिंगटन/तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच जारी भीषण युद्ध के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने बयानों को लेकर एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। पिछले सप्ताह अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा ईरानी युद्धपोत ‘IRIS DENA’ को समुद्र में डुबोए जाने की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने इसे ‘मजेदार’ करार दिया है। इस हमले में ईरान के 87 सैन्यकर्मी मारे गए थे, जिसकी दुनिया भर में कड़ी निंदा हो रही है।


“पकड़ने से ज्यादा सुरक्षित है डुबोना”: ट्रंप का अजीबोगरीब तर्क

राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी सेना के साथ हुई अपनी बातचीत का हवाला देते हुए कहा कि जहाजों को कब्जे में लेने की प्रक्रिया जटिल होती है। उन्होंने कहा, “सेना ने मुझसे कहा कि उसे डुबोना ज्यादा मजेदार है। वे कहते हैं कि दुश्मन के जहाज को डुबो देना उसे पकड़ने से ज्यादा सुरक्षित है और मुझे लगता है कि यह शायद सच भी है।”

ट्रंप ने अपने अभियान ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Operation Epic Fury) की तारीफ करते हुए दावा किया कि इजराइल के साथ मिलकर अमेरिका ने ईरान की नौसेना को पूरी तरह तबाह कर दिया है। उन्होंने कहा कि अब तक ईरान के 46 जहाज समुद्र की तलहटी में पहुंच चुके हैं।

भारत के ‘मिलन’ अभ्यास से लौट रहा था IRIS DENA

ईरानी युद्धपोत ‘IRIS DENA’ के डूबने की खबर भारत के लिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह जहाज हाल ही में विशाखापत्तनम में आयोजित बहुपक्षीय नौसैनिक अभ्यास ‘मिलन’ (MILAN) में शामिल होने आया था।

  • हमले का समय: यह जहाज अभ्यास खत्म करने के बाद मानवीय आधार पर घर लौट रहा था, तभी अमेरिकी पनडुब्बी ने इसे निशाना बनाया।

  • ईरान का गुस्सा: ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह ने इसे ‘अंतरराष्ट्रीय कानून की मनमानी’ बताया और चेतावनी दी कि एक निहत्थे जहाज पर हमले का बदला जरूर लिया जाएगा।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दी सफाई

ईरानी जहाजों को भारतीय बंदरगाहों पर रुकने की अनुमति देने पर उठ रहे अंतरराष्ट्रीय सवालों का विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कड़ा जवाब दिया है।

  • मानवीय आधार: जयशंकर ने स्पष्ट किया कि ईरानी युद्धपोत आईआरआईएस लावन को कोच्चि बंदरगाह पर रुकने की अनुमति विशुद्ध मानवीय आधार पर दी गई थी क्योंकि जहाज संकट में था।

  • विशाखापत्तनम कनेक्शन: उन्होंने याद दिलाया कि ईरान के तीन जहाज (डेना, लावन और बुशहर) भारत के अंतरराष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा समारोह और मिलन अभ्यास का हिस्सा थे। जयशंकर ने कहा कि भारत की तरह श्रीलंका ने भी इन जहाजों को डॉक करने की अनुमति दी थी और इसे केवल कानूनी बारीकियों में नहीं उलझाना चाहिए।

युद्ध का वर्तमान हाल: ट्रंप का दावा बनाम जमीनी हकीकत

जहां ट्रंप दावा कर रहे हैं कि युद्ध ‘लगभग खत्म’ हो चुका है और ईरान का सैन्य ढांचा कुचला जा चुका है, वहीं ईरान अभी भी अयातुल्लाह खामेनेई की हत्या और अपने नाविकों की मौत का बदला लेने की कसमें खा रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव बरकरार है, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन और तेल की कीमतों पर खतरा बना हुआ है।

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