UP Cabinet Expansion: योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में ‘महिला कार्ड’ और ‘ब्राह्मण’ चेहरों पर दांव, OBC कोटे से भूपेंद्र चौधरी का नाम तय

Yogi Cabinet Expansion 2026: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल में विस्तार और फेरबदल की सुगबुगाहट अब धरातल पर आती दिख रही है। माना जा रहा है कि बंगाल चुनाव के संपन्न होते ही उत्तर प्रदेश सरकार में नए चेहरों की एंट्री होगी। इस विस्तार में भाजपा का मुख्य फोकस जातीय समीकरण (Caste Equations) साधने और 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए जमीन तैयार करने पर है।

ब्राह्मण और दलित चेहरों को मिल सकती है तवज्जो

मंत्रिमंडल विस्तार में एक बार फिर ब्राह्मणों और दलितों को साधने की रणनीति दिख रही है।

  • ब्राह्मण कार्ड: जितिन प्रसाद के दिल्ली की राजनीति (केंद्र) में जाने के बाद से कैबिनेट में एक प्रमुख ब्राह्मण चेहरे की जगह खाली है। विपक्ष द्वारा ‘ब्राह्मण नाराजगी’ के नैरेटिव को काटने के लिए भाजपा किसी कद्दावर ब्राह्मण नेता को मंत्री पद दे सकती है।

  • PDA की काट: अखिलेश यादव के ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले को कमजोर करने के लिए भाजपा दलित समुदाय से किसी प्रभावी नेता को मंत्री बना सकती है। हाल ही में आंबेडकर जयंती के आयोजनों के जरिए भाजपा ने दलितों के बीच अपनी पैठ बढ़ाने की कोशिश की है।

OBC कोटे से भूपेंद्र चौधरी का नाम लगभग तय

ओबीसी वर्ग और खास तौर पर पश्चिम यूपी को साधने के लिए भूपेंद्र चौधरी का नाम सबसे आगे चल रहा है।

  • पश्चिम यूपी का प्रतिनिधित्व: वर्तमान में मुख्यमंत्री और दोनों डिप्टी सीएम में से कोई भी पश्चिम यूपी से नहीं आता है। भूपेंद्र चौधरी जाट बिरादरी के बड़े नेता हैं और उनकी साफ-सुथरी छवि रही है।

  • जाट समुदाय को संदेश: उन्हें कैबिनेट में शामिल कर भाजपा पश्चिम यूपी के जाट बेल्ट में एक मजबूत राजनीतिक संदेश देना चाहती है।

महिला कार्ड: विपक्ष की घेराबंदी का हथियार

इस फेरबदल में सबसे ज्यादा चर्चा किसी महिला चेहरे को कैबिनेट में शामिल करने की है। महिला आरक्षण विधेयक को लेकर भाजपा और विपक्ष के बीच जुबानी जंग जारी है। ऐसे में किसी महिला को अहम मंत्रालय सौंपकर भाजपा महिला वोट बैंक के बीच अपनी पकड़ मजबूत करना चाहेगी और विपक्ष के आरोपों का उदाहरण सहित जवाब देगी।

संगठन में भी होगा बड़ा फेरबदल

चर्चा है कि यह केवल मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं होगा, बल्कि कुछ वर्तमान मंत्रियों को संगठन की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। 2027 के चुनावों को देखते हुए कुछ सीनियर और ‘तेज-तर्रार’ नेताओं को संगठन में वापस भेजकर पार्टी को बूथ स्तर पर मजबूत करने का प्लान है।

हाल ही में लखनऊ में विनोद तावड़े की बैठक और दिल्ली में डिप्टी सीएम की शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात के बाद माना जा रहा है कि नामों की सूची लगभग तैयार है और बस ‘हाईकमान’ की अंतिम मुहर का इंतजार है।

Check Also

Vrindavan Omaxe Mall Accident: वृंदावन में बड़ा हादसा, ओमैक्स मॉल में अचानक गिरी भारी शटरिंग; 3 मजदूरों की दर्दनाक मौत, 1 गंभीर

धर्मनगरी मथुरा-वृंदावन क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध ओमैक्स मॉल परिसर में निर्माण और मरम्मत कार्य के …