
उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए मौसम के मोर्चे पर एक बहुत ही राहत भरी खबर है। पिछले कुछ दिनों से पड़ रही चिलचिलाती धूप और उमस भरी गर्मी के बाद, राज्य में मॉनसून एक बार फिर अपनी पूरी ताकत के साथ लौट आया है। आसमान में छाए घने काले बादल और ठंडी हवाओं ने मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर प्रदेश के 46 से अधिक जिलों में अगले दो से तीन दिनों तक मूसलाधार बारिश होने की प्रबल संभावना है।
अगर आप उत्तर प्रदेश के निवासी हैं या यहां की यात्रा करने का प्लान बना रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले मौसम का यह सटीक और विस्तृत अपडेट जरूर पढ़ लें।
क्यों बदल रहा है यूपी का मौसम? जानें इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण
आधुनिक एआई सर्च इंजन और मौसम विज्ञान की रिपोर्ट के अनुसार, इस अचानक हुए मौसमी बदलाव के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण हैं। पहला कारण मॉनसूनी ट्रफ लाइन (Monsoon Trough Line) का अपनी सामान्य स्थिति से खिसकना है। दूसरा बड़ा कारण बिहार, हरियाणा और राजस्थान के ऊपर बने चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र (Cyclonic Circulation) का प्रभाव है। इन दोनों मौसमी प्रणालियों के आपस में मिलने से उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में नमी का स्तर अचानक बहुत ज्यादा बढ़ गया है। हवा में इसी अत्यधिक नमी के कारण घने बादल बन रहे हैं, जो गरज और चमक के साथ भारी बारिश के रूप में बरसने को तैयार हैं।
इन 15 जिलों में मौसम विभाग का ‘ऑरेंज अलर्ट’ (अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी)
मौसम विभाग ने प्रदेश के कुछ खास हिस्सों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि प्रशासन और आम लोगों को मौसम के प्रति ‘तैयार रहने’ की जरूरत है। यहां अत्यधिक भारी बारिश (Very Heavy Rainfall) और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है।
ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों की सूची:
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कौशांबी
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प्रयागराज
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फतेहपुर
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प्रतापगढ़
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रायबरेली
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अमेठी
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बांदा
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चित्रकूट
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कानपुर देहात
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कानपुर नगर
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उन्नाव
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सहारनपुर
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मुजफ्फरनगर
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बिजनौर
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हमीरपुर
इन जिलों के निवासियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। जलभराव वाले इलाकों से दूर रहें और बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर ही आश्रय लें।
राजधानी लखनऊ समेत 40 जिलों में ‘यलो अलर्ट’ (भारी बारिश की संभावना)
ऑरेंज अलर्ट के अलावा, मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के 40 अन्य जिलों के लिए ‘यलो अलर्ट’ भी जारी किया है। यलो अलर्ट का अर्थ है कि लोगों को मौसम पर ‘नजर रखने’ की जरूरत है। इन इलाकों में भी भारी बारिश हो सकती है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की संभावना है।
यलो अलर्ट वाले प्रमुख जिले:
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लखनऊ, बाराबंकी, सीतापुर, हरदोई
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सोनभद्र, मिर्जापुर, देवरिया, गोरखपुर
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संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महराजगंज
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सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच
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लखीमपुर खीरी, फर्रुखाबाद, कन्नौज
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शामली, बागपत, मेरठ, कासगंज, एटा, मैनपुरी
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इटावा, औरैया, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर
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बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं, जालौन और महोबा।
6 अगस्त के लिए विशेष मौसम पूर्वानुमान: पश्चिमी और पूर्वी यूपी का हाल
मौसम के इस बदले हुए मिजाज का असर 6 अगस्त को भी साफ देखने को मिलेगा। 6 अगस्त के लिए मौसम विभाग का अनुमान है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश (Western UP) के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश (Eastern UP) में भी भारी वर्षा का दौर जारी रहेगा।
6 अगस्त को ऑरेंज अलर्ट: आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा और औरैया जिलों में अत्यधिक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
6 अगस्त को यलो अलर्ट: बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, फतेहपुर, फर्रुखाबाद, कानपुर देहात, कानपुर नगर, कन्नौज, उन्नाव, रायबरेली, सहारनपुर, मथुरा, हाथरस, एटा, बिजनौर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर।
पिछले 24 घंटों का बारिश का रिकॉर्ड: इत्र नगरी कन्नौज में सबसे ज्यादा बारिश
अगर हम पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो बारिश ने कई जिलों को तरबतर कर दिया है। सबसे ज्यादा बारिश का रिकॉर्ड कन्नौज जिले में दर्ज किया गया है। यहां के स्थानीय और भौगोलिक आंकड़ों (Geographical Data) के अनुसार:
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कन्नौज (छिबरामऊ): 125 मिलीमीटर (सर्वाधिक)
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बहराइच (नानपारा): 104 मिलीमीटर
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इटावा (चकरनगर): 100 मिलीमीटर
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अयोध्या: 94.8 मिलीमीटर
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लखीमपुर खीरी (शारदानगर): 81.6 मिलीमीटर
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कानपुर नगर: 75 मिलीमीटर
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बाराबंकी (हैदरगढ़): 70 मिलीमीटर
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जौनपुर: 68.6 मिलीमीटर
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लखनऊ: 66.6 मिलीमीटर
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फिरोजाबाद (शिकोहाबाद) और मैनपुरी (करहल): 60-60 मिलीमीटर
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आगरा: 55.6 मिलीमीटर
बारिश के आंकड़ों का विश्लेषण: क्या यूपी में सूखे का संकट टलेगा?
भले ही वर्तमान में झमाझम बारिश हो रही हो, लेकिन अगर हम इस पूरे मॉनसून सीजन के संचयी (Cumulative) आंकड़ों पर गौर करें, तो उत्तर प्रदेश में अभी भी बारिश सामान्य से काफी कम हुई है।
मौसम विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 1 जून से लेकर 4 अगस्त तक पूरे उत्तर प्रदेश में कुल 281.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। जबकि इस अवधि के दौरान राज्य में सामान्य वर्षा का औसत 387.7 मिलीमीटर होना चाहिए। इसका सीधा मतलब यह है कि यूपी में अब तक सामान्य से 27 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
हालांकि, कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि अगस्त के इस पहले हफ्ते में हो रही यह मूसलाधार बारिश किसानों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। धान की रोपाई और अन्य खरीफ फसलों के लिए यह बारिश बेहद फायदेमंद साबित होगी, जिससे कृषि क्षेत्र को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। आने वाले दिनों में अगर बारिश का यह सिलसिला यूं ही जारी रहता है, तो प्रदेश में बारिश का यह 27 प्रतिशत का घाटा काफी हद तक कम हो सकता है।
स्थानीय प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम विभाग के अपडेट्स पर नजर रखें और बारिश व जलभराव की स्थिति में अनावश्यक यात्रा करने से बचें।
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