उत्तर प्रदेश में सूर्य देव का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। समूचा राज्य इस समय भीषण तपिश और जानलेवा लू (Heat Wave) की चपेट में है। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि अब दिन के साथ-साथ रातें भी झुलसाने लगी हैं। मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में अगले दो दिनों के लिए भीषण तपिश का ‘रेड अलर्ट’ और कई इलाकों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। गर्म पछुआ हवाओं के सक्रिय होने से मौसम पूरी तरह शुष्क हो गया है, जिसके चलते प्रदेश के 21 प्रमुख शहरों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने भी लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी है।
पश्चिम यूपी में ‘उष्ण रात्रि’ का कहर, रात में भी नहीं मिल रही राहत
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में ‘वार्म नाइट’ यानी उष्ण रात्रि का अलर्ट जारी किया गया है। इसका मतलब है कि अब सूरज डूबने के बाद भी लोगों को गर्मी से निजात नहीं मिलने वाली। शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर (नोएडा), बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, आगरा और फिरोजाबाद में रात का न्यूनतम तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक अधिक दर्ज किया जा रहा है। उमस और भारी तपन के कारण रातें भी बेचैन करने वाली हो गई हैं।
मेरठ में टूट सकता है गर्मी का 74 साल का रिकॉर्ड
चिलचिलाती धूप से बेहाल मेरठ में पारे का यह टॉर्चर नया नहीं है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, साल 1951 से 2025 तक के 74 वर्षों के इतिहास में मेरठ ने छह बार 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक की ऐतिहासिक गर्मी झेली है। मौजूदा हालातों को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि मई 2026 में गर्मी के पिछले सारे रिकॉर्ड ध्वस्त हो सकते हैं। मेरठ के इतिहास में सबसे गर्म दिन 9 मई 1973 को दर्ज किया गया था, जब पारा 45.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया था।
इसके अलावा मेरठ में 19 मई 1978 को 45.7 डिग्री, 31 मई 1962 को 45.6 डिग्री, 12 मई 1975 को 45.5 डिग्री, 27 मई 1966 को 45.4 डिग्री और 8 मई 1974 को 45.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया जा चुका है। सिर्फ दिन ही नहीं, मेरठ में पिछले 56 सालों में 8 बार रात का तापमान 30 से 32 डिग्री के बीच रहा है, जिसमें 27 मई 2000 को सबसे गर्म रात (32 डिग्री सेल्सियस) का रिकॉर्ड दर्ज है।
सावधान! इन जिलों में मौसम विभाग का ‘रेड और ऑरेंज अलर्ट’
उत्तर प्रदेश के दक्षिणी भाग में भीषण लू को देखते हुए रेड वार्निंग और अधिकांश हिस्सों के लिए ऑरेंज वार्निंग जारी की गई है:
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रेड अलर्ट (भीषण लू वाले क्षेत्र): बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, फतेहपुर, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और इसके आसपास के इलाके।
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ऑरेंज अलर्ट (गंभीर लू वाले क्षेत्र): कौशाम्बी, प्रतापगढ़, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, बलिया, कानपुर नगर, कानपुर देहात, रायबरेली, औरैया और ललितपुर।
40 किमी/घंटे की रफ्तार से चल रहे लू के थपेड़े, सड़कों पर सन्नाटा
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, वर्तमान में पूरे उत्तर प्रदेश में 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म पछुआ हवाएं चल रही हैं। दोपहर के समय हवा के झोंके 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच रहे हैं। इन गर्म थपेड़ों (Heat Wave) के कारण दोपहर के वक्त सड़कों पर कर्फ्यू जैसा नजारा देखने को मिल रहा है और लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं। वेस्ट यूपी में यह स्थिति आगामी 25 मई तक बरकरार रहने के आसार हैं।
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