नई दिल्ली | इज़राइल, अमेरिका और ईरान के बीच गहराते सैन्य संघर्ष ने एशियाई देशों की नींद उड़ा दी है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की मृत्यु के बाद उपजे तनाव से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के बंद होने की आशंका प्रबल हो गई है। यह समुद्री मार्ग दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण ‘ऑयल चोकपॉइंट’ है। यदि यह रास्ता बंद होता है, तो भारत, चीन और जापान जैसे देशों की तेल और गैस सप्लाई ठप हो सकती है। आइए जानते हैं कि इन देशों की ऊर्जा निर्भरता कितनी है और इनके पास कितने दिनों का ‘इमरजेंसी बैकअप’ मौजूद है।
1. भारत: 74 दिनों का सुरक्षा कवच
भारत अपनी जरूरत का 85% से अधिक कच्चा तेल आयात करता है। जनवरी 2026 में भारत के कुल आयात में मध्य पूर्व (Middle East) की हिस्सेदारी 55% तक पहुंच गई है।
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निर्भरता: भारत कतर, यूएई और ओमान से अपनी जरूरत की दो-तिहाई LNG (तरल प्राकृतिक गैस) आयात करता है।
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रणनीतिक भंडार (SPR): पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के अनुसार, भारत के पास इतना कच्चा तेल और रिफाइंड उत्पाद जमा है कि वह बिना किसी बाहरी सप्लाई के 74 दिनों तक देश की मांग पूरी कर सकता है।
2. चीन: दुनिया का सबसे बड़ा तेल खरीदार
चीन न केवल दुनिया का सबसे बड़ा तेल आयातक है, बल्कि वह ईरानी तेल का भी सबसे बड़ा ग्राहक है।
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ईरानी कनेक्शन: चीन अपने समुद्री तेल आयात का लगभग 13% हिस्सा अकेले ईरान से लेता है। वर्तमान में चीन के पास समुद्र में टैंकरों पर ही 4.2 करोड़ बैरल ईरानी तेल जमा है।
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बैकअप: विश्लेषकों का अनुमान है कि चीन ने करीब 90 करोड़ बैरल का विशाल भंडार बना रखा है, जो उसके 90 दिनों (3 महीने) के आयात के बराबर है। चीन अपनी एक-तिहाई LNG भी मध्य पूर्व से ही लेता है।
3. जापान: सबसे ज्यादा संवेदनशील स्थिति
जापान की स्थिति सबसे नाजुक है क्योंकि उसकी 95% तेल जरूरतें मध्य पूर्व से पूरी होती हैं। इसमें से 70% सप्लाई अकेले ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ से होकर गुजरती है।
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आयात: जापान प्रतिदिन 28 लाख बैरल तेल आयात करता है, जिसमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी सऊदी अरब की है।
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विशाल भंडार: जापान ने सुरक्षा के लिहाज से बहुत बड़ा इमरजेंसी स्टॉक रखा है, जो 254 दिनों की खपत के लिए पर्याप्त है। LNG के मामले में जापान के पास 3 सप्ताह का घरेलू स्टॉक है।
4. दक्षिण कोरिया: 200 दिनों की तैयारी
दक्षिण कोरिया भी अपनी ऊर्जा के लिए पूरी तरह आयात पर निर्भर है। वह 70% तेल और 20% LNG मध्य पूर्व से लेता है।
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भंडारण: दक्षिण कोरिया के पास सरकारी और निजी क्षेत्र को मिलाकर लगभग 19.5 करोड़ बैरल का स्टॉक है।
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बैकअप: यह भंडार देश की 208 दिनों की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है।
क्या है ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का महत्व?
यह ओमान और ईरान के बीच स्थित एक संकरा समुद्री रास्ता है। दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल और एक-चौथाई LNG इसी रास्ते से होकर गुजरती है। अगर ईरान इस रास्ते को ब्लॉक करता है, तो वैश्विक तेल कीमतों में भारी उछाल आ सकता है और एशियाई अर्थव्यवस्थाएं मंदी की चपेट में आ सकती हैं।
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