
उत्तर प्रदेश के करोड़ों नागरिकों, महिलाओं, किसानों, बुनकरों और युवाओं के लिए राज्य सरकार ने एक बार फिर विकास और कल्याणकारी योजनाओं का पिटारा खोल दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक में राज्य के समग्र विकास को गति देने के लिए प्रस्तुत अनुपूरक बजट और उससे जुड़े कई प्रस्तावों को ऐतिहासिक मंजूरी दी गई है। उत्तर प्रदेश की अर्थव्यव्सथा को वन ट्रिलियन डॉलर बनाने और समाज के हर वर्ग तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से लाए गए इस अनुपूरक बजट में बुनियादी ढांचे, महिला सशक्तिकरण, रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। गूगल डिस्कवर और आधुनिक एआई सर्च इंजनों की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए इस विस्तृत रिपोर्ट में हम आपको बता रहे हैं कि योगी सरकार के इस अनुपूरक बजट से आम जनजीवन पर क्या गहरा असर पड़ने वाला है।
60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए रोडवेज बसों में मुफ्त सफर का तोहफा
उत्तर प्रदेश की वरिष्ठ और बुजुर्ग महिलाओं के लिए यह किसी बड़े उपहार से कम नहीं है। राज्य सरकार ने अपने लोक कल्याण संकल्प पत्र में किए गए वादे को पूरा करते हुए 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) की बसों में पूरी तरह से निःशुल्क यात्रा करने की सुविधा देने का बड़ा ऐलान किया है। इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने के लिए अनुपूरक बजट में विशेष रूप से 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस निर्णय से राज्य की लाखों बुजुर्ग माताओं और बहनों को परिवहन के क्षेत्र में बड़ी राहत मिलेगी और वे बिना किसी आर्थिक चिंता के सुगमता से यात्रा कर सकेंगी।
महिला कल्याण विभाग के लिए 1094 करोड़ रुपये से अधिक की अतिरिक्त राशि
प्रदेश में महिलाओं के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने और उन्हें सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए महिला कल्याण विभाग को अनुपूरक बजट में 1,094.40 करोड़ रुपये की भारी-भरकम अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव मंजूर किया गया है। इसके तहत निराश्रित महिला पेंशन योजना के लिए सीधे तौर पर 930 करोड़ रुपये का विशाल प्रावधान किया गया है, जिससे जरूरतमंद महिलाओं को समय पर पेंशन मिल सके। इसके साथ ही मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लिए 110 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है, जिससे अनाथ और संकटग्रस्त बच्चों के पालन-पोषण और शिक्षा में मदद मिलेगी। उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष के लिए 54.30 करोड़ रुपये आरक्षित किए गए हैं, जिनका उपयोग पीड़ित महिलाओं और बच्चों को आपातकालीन समयबद्ध सहायता एवं संरक्षण देने में किया जाएगा। इसके अलावा महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और उद्यमी बनाने के लिए संचालित ‘मुख्यमंत्री शक्ति समृद्धि योजना’ के वास्ते भी अनुपूरक बजट में 10 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं।
पारंपरिक उद्योगों, खादी और हथकरघा के लिए 140 करोड़ रुपये की सौगात
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME), खादी, हथकरघा और वस्त्रोद्योग क्षेत्र को पुनर्जीवित करने के लिए सरकार ने अनुपूरक बजट में 140 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस धन का उपयोग प्रदेश में आधुनिक टेक्सटाइल पार्कों के विकास, हथकरघा और बुनकर प्रोत्साहन योजनाओं के विस्तार, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के पूंजीगत निर्माण कार्यों तथा औद्योगिक आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए किया जाएगा। स्वीकृत राशि में से 125 करोड़ रुपये पूंजीगत मद और लगभग 15 करोड़ रुपये राजस्व मद के अंतर्गत खर्च किए जाएंगे। एमएसएमई और हथकरघा मंत्री राकेश सचान ने इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि इससे राज्य के पारंपरिक कारीगरों और बुनकरों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी तथा टेक्सटाइल सेक्टर में भारी निवेश आकर्षित होगा।
गंगा और विन्ध्य एक्सप्रेसवे का विस्तार, सोनभद्र तक आसान होगा सफर
उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे के नेटवर्क को और अधिक विस्तृत बनाते हुए योगी सरकार ने परिवहन और कनेक्टिविटी को एक नया आयाम दिया है। निर्णय के अनुसार अब जेवर लिंक एक्सप्रेसवे को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही गंगा एक्सप्रेसवे का विस्तार मेरठ से हरिद्वार तक किया जाएगा, जिससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड की यात्रा बेहद सुगम हो जाएगी। इतना ही नहीं, विन्ध्य क्षेत्र के विकास को पंख लगाने के लिए गंगा एक्सप्रेसवे को प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी और चंदौली होते हुए सीधे सोनभद्र तक जोड़ने वाले नए ‘विन्ध्य एक्सप्रेसवे’ के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इस विन्ध्य एक्सप्रेसवे पर सोनभद्र से शुरू होकर चंदौली और गाजीपुर तक लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे पूरे पूर्वांचल और विंध्याचल मंडल में औद्योगिक गतिविधियों और पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा।
आयुष केंद्रों का विकास और नए चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना
स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कैबिनेट ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। कानपुर में आयुष पद्धति के प्रसार और अनुसंधान के लिए एक अत्याधुनिक क्लीनिकल परीक्षण केंद्र (Clinical Trial Center) स्थापित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त राज्य के पांच प्रमुख जिलों—आगरा, बस्ती, गोंडा, मेरठ और मिर्जापुर में नए एकीकृत राजकीय आयुष चिकित्सा महाविद्यालयों और चिकित्सालयों की स्थापना की जाएगी। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों को पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों का बेहतर लाभ मिल सकेगा और स्थानीय स्तर पर चिकित्सा शिक्षा का विस्तार होगा।
ग्राम सचिवालयों में बनेंगे आधार सेवा केंद्र और शिक्षकों के सामूहिक बीमा की राहत
आम नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति दिलाने के लिए सरकार ने एक और क्रांतिकारी कदम उठाया है। अब प्रदेश के सभी ग्राम सचिवालयों में अत्याधुनिक आधार सेवा केंद्र (Aadhaar Seva Kendra) स्थापित किए जाएंगे, जिससे गांवों के लोगों को आधार कार्ड बनवाने या अपडेट कराने के लिए शहरों या जनसेवा केंद्रों की लंबी लाइनों में नहीं खड़ा होना पड़ेगा। इसके अलावा, शिक्षकों के लिए भी एक बड़ी राहत भरी घोषणा करते हुए उनके सामूहिक बीमा के लिए काटी गई प्रीमियम की राशि को वापस किए जाने का निर्णय लिया गया है। सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण की कड़ी में बाराबंकी में महान स्वतंत्रता सेनानी और हस्ती बाबू केडी सिंह के पैतृक आवास को एक भव्य संग्रहालय (Museum) में तब्दील किया जाएगा, जिससे युवा पीढ़ी उनकी वीरता और योगदान से प्रेरणा ले सके।
कलेक्ट्रेट भवनों का आधुनिकीकरण और अन्य विकास कार्य
प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त और आधुनिक बनाने के लिए संभल और वाराणसी जिलों में नए समेकित कलेक्ट्रेट भवनों के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। इसके अलावा डॉ. बीआर अंबेडकर मूर्ति योजना के तहत विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्य कराए जाएंगे। सरकार के इन तमाम फैसलों से यह स्पष्ट हो जाता है कि उत्तर प्रदेश न केवल बुनियादी ढांचे के विकास में बल्कि सामाजिक न्याय, महिला उत्थान और ग्रामीण आर्थिकी को मजबूत करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। अनुपूरक बजट में की गई इन घोषणाओं से आने वाले दिनों में राज्य के सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।
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