लखनऊ/वाराणसी: लोकसभा में महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) गिरने के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में जबरदस्त उबाल आ गया है। इस मुद्दे को भुनाने और विपक्ष को महिला विरोधी साबित करने के लिए बीजेपी ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 अप्रैल 2026 को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में एक विशाल महिला सभा को संबोधित करेंगे।
यह कार्यक्रम केवल एक रैली नहीं, बल्कि बीजेपी की उस बड़ी रणनीति का हिस्सा है जिसके जरिए वह 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले महिला वोट बैंक को मजबूती से अपने पाले में करना चाहती है।
महिलाओं के हाथ में होगी कार्यक्रम की कमान
वाराणसी में होने वाली इस सभा की सबसे खास बात यह है कि इसकी पूरी कमान महिलाओं के हाथों में होगी। मंच संचालन से लेकर भीड़ जुटाने और व्यवस्था संभालने तक, हर जिम्मेदारी महिला मोर्चा की पदाधिकारियों को सौंपी गई है। रविवार को प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने वाराणसी में बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया।
बीजेपी की रणनीति: विपक्ष पर ‘नारी विरोधी’ होने का ठप्पा
संसद में संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026 के गिरने के बाद बीजेपी अब जनता के बीच जाकर विपक्ष की घेराबंदी करेगी।
-
सीधा आरोप: बीजेपी का कहना है कि सपा, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने अपने “महिला विरोधी एजेंडे” के कारण बिल को पास नहीं होने दिया।
-
जनसंपर्क अभियान: 28 अप्रैल की सभा से पहले बीजेपी कार्यकर्ता बूथ स्तर पर जाकर महिलाओं को बताएंगे कि कैसे सरकार उन्हें 33% आरक्षण देना चाहती थी, लेकिन विपक्ष ने इसमें अड़ंगा लगा दिया।
-
महिला सशक्तिकरण का चेहरा: पीएम मोदी अपनी सभा में उज्ज्वला, मुद्रा और स्वयं सहायता समूहों जैसी योजनाओं का हवाला देकर खुद को महिलाओं का सबसे बड़ा हितैषी पेश करेंगे।
21 अप्रैल को लखनऊ में बड़ा शक्ति प्रदर्शन
वाराणसी की सभा से पहले 21 अप्रैल को बीजेपी लखनऊ की सड़कों पर उतरने वाली है।
-
पैदल मार्च: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों डिप्टी सीएम (केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक) और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के नेतृत्व में सीएम आवास से विधानसभा तक एक विशाल मार्च निकाला जाएगा।
-
संदेश: यह मार्च बिल गिरने के विरोध में होगा और इसके जरिए विपक्ष के खिलाफ माहौल बनाया जाएगा।
क्यों गिरा संसद में विधेयक?
लोकसभा में मत विभाजन के दौरान विधेयक के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े। चूंकि संविधान संशोधन के लिए दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है, इसलिए यह आंकड़ा कम रह गया। विपक्ष “कोटा के भीतर कोटा” (OBC आरक्षण) की मांग पर अड़ा रहा, जबकि बीजेपी इसे ऐतिहासिक कदम बता रही थी।
योगी सरकार भी एक्शन में
प्रधानमंत्री की वाराणसी सभा के ठीक दो दिन बाद 30 अप्रैल को योगी सरकार ने यूपी विधानमंडल का विशेष सत्र भी बुलाया है। माना जा रहा है कि इस सत्र में भी महिला आरक्षण के मुद्दे पर चर्चा कर विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव या कोई बड़ा राजनीतिक कदम उठाया जा सकता है।
Shashwat Lokwarta – State News,Up News देश-दुनिया