
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक 73 वर्षीय इमरान खान की तबीयत को लेकर एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। रावलपिंडी की हाई-सिक्योरिटी अदियाला जेल में बंद इमरान खान के स्वास्थ्य में गिरावट की खबरों के बीच डॉक्टरों की एक विशेष टीम ने जेल पहुंचकर उनका सघन मेडिकल परीक्षण किया। पूर्व प्रधानमंत्री के परिवार और पार्टी नेताओं द्वारा जेल प्रशासन पर लगातार बुनियादी चिकित्सा सुविधाएं न देने और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। इस तनावपूर्ण माहौल के बीच डॉक्टरों के जेल पहुंचने से पूरे पाकिस्तान में उनकी शारीरिक स्थिति को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जाने लगी हैं।
PIMS के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने अदियाला जेल में की जांच
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकारी अस्पताल ‘पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज’ (PIMS) के वरिष्ठ डॉक्टरों की एक टीम रावलपिंडी की अदियाला जेल पहुंची। डॉ. आरिफ खान के नेतृत्व में आई इस मेडिकल टीम में नेत्र रोग विशेषज्ञों (Ophthalmologists) के अलावा फिजिशियन और जेल अस्पताल का मेडिकल स्टाफ भी शामिल था।
जेल सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि डॉक्टरों ने इमरान खान के स्वास्थ्य का व्यापक मूल्यांकन किया। इस दौरान उनके ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल लेवल, दिल की धड़कन और विशेष रूप से आंखों की रोशनी की गहन जांच की गई। इमरान खान लंबे समय से आंखों की एक गंभीर समस्या (कॉर्निया और रेटिना संबंधी परेशानी) से जूझ रहे हैं, जिसके लिए उन्हें पहले भी कई बार PIMS ले जाया जा चुका है और वहां उन्हें इंट्राविट्रियल इंजेक्शन भी दिए जा चुके हैं। डॉक्टरों ने जेल में लगभग दो घंटे तक उनकी शारीरिक जांच की और जरूरी दवाइयों में बदलाव के निर्देश दिए।
पीटीआई का आरोप—जानबूझकर छिपाई जा रही स्वास्थ्य रिपोर्ट
इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने शाहबाज शरीफ सरकार और जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप मढ़े हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का दावा है कि 73 साल की उम्र में पूर्व पीएम को जेल में बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं, जिसके चलते उनका वजन तेजी से गिरा है और उनकी पुरानी बीमारियां फिर से उभर आई हैं।
पीटीआई का कहना है कि 18 अगस्त को देश की सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान को व्यापक इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में शिफ्ट करने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद प्रशासन ने उन्हें केवल कुछ घंटों के लिए सरकारी PIMS अस्पताल में रखा और फिर आनन-फानन में वापस जेल भेज दिया। पीटीआई ने मांग की है कि इमरान खान को तुरंत इस्लामाबाद के निजी ‘शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल’ में भर्ती कराया जाए, जहां उनके निजी डॉक्टर उनकी निगरानी कर सकें। हालांकि, जेल प्रशासन और पाकिस्तान सरकार ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया है कि इमरान खान जेल में पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्हें सभी जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
बहन अलीमा खान की 30 दिन की हिरासत से और गरमाया माहौल
इमरान खान के मेडिकल चेकअप के बीच पाकिस्तान में राजनीतिक संकट और गहरा गया है। पंजाब सरकार के गृह विभाग ने इमरान खान की बहन अलीमा खान को लाहौर से 30 दिनों के लिए प्रिवेंटिव डिटेंशन (निवारक हिरासत) में लेकर कोट लखपत जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई ‘पंजाब मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर ऑर्डिनेंस, 1960’ (MPO) के तहत की गई है।
अलीमा खान अपने भाई की रिहाई और उनके साथ जेल में हो रहे दुर्व्यवहार के खिलाफ लगातार रैलियों और प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रही थीं। परिवार के सदस्यों की धरपकड़ और पूर्व पीएम के चेकअप की खबरों ने विपक्ष में भारी आक्रोश भर दिया है। पीटीआई ने सरकार के इस कदम को राजनीतिक बदले की कार्रवाई और विपक्ष की आवाज दबाने की तानाशाही कोशिश करार दिया है।
27 सितंबर को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन और इस्लामाबाद कूच का ऐलान
इमरान खान की बिगड़ती सेहत और बहन की गिरफ्तारी के बाद पीटीआई ने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। पार्टी की केंद्रीय कार्यसमिति ने 27 सितंबर को पूरे पाकिस्तान में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और इस्लामाबाद की ओर कूच करने का औपचारिक ऐलान किया है। पीटीआई नेताओं ने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया है कि वे इमरान खान की तत्काल रिहाई और उनके उचित इलाज की मांग को लेकर सड़कों पर उतरें।
उल्लेखनीय है कि अप्रैल 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए सत्ता से हटाए जाने के बाद से इमरान खान दर्जनों कानूनी मुकदमों का सामना कर रहे हैं। अगस्त 2023 से वे तोशाखाना और अन्य मामलों में जेल में बंद हैं। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के कई पूर्व क्रिकेट कप्तानों और अंतरराष्ट्रीय दिग्गजों ने भी इमरान खान के मानवाधिकारों और स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई थी। अब जेल में डॉक्टरों की इस ताजा जांच के बाद पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति में एक नया भूचाल आना तय माना जा रहा है।
Shashwat Lokwarta – State News,Up News देश-दुनिया