
बॉलीवुड संगीत जगत के दिग्गज गायक और संगीतकार अदनान सामी अपनी सुरीली आवाज और पियानो की धुनों के लिए पूरी दुनिया में जाने जाते हैं। भारत के साथ उनका रिश्ता महज एक कलाकार का नहीं, बल्कि एक सच्चे नागरिक का रहा है। हालांकि, समय-समय पर सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर उनकी नागरिकता को लेकर तरह-तरह के सवाल खड़े किए जाते रहे हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान जब उनसे एक बार फिर उनकी भारतीय नागरिकता और पाकिस्तान छोड़ने के फैसले को लेकर सवाल किया गया, तो गायक ने बेहद भावुक और कड़ा रुख अपनाते हुए इसका विस्तार से जवाब दिया।
अदनान सामी ने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें भारत की नागरिकता लिए हुए कई साल बीत चुके हैं, लेकिन आज भी कुछ लोग इस विषय को बार-बार कुरेदने की कोशिश करते हैं। गायक ने सवाल उठाया कि जब उन्होंने देश के सभी कानूनी नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करते हुए भारतीय नागरिकता हासिल की है, तो इतने साल बाद भी उनसे बार-बार यह सवाल क्यों पूछा जाता है। उन्होंने कहा कि उनका भारत से जुड़ाव दिल का है और यह कोई दिखावा नहीं है।
भारत आने का फैसला और 16 साल लंबा कानूनी सफर
अदनान सामी का जन्म ब्रिटेन में हुआ था और उनके पास पहले पाकिस्तान की नागरिकता थी। लेकिन संगीत के क्षेत्र में भारत में अपार प्यार और सम्मान मिलने के बाद उन्होंने इसे ही अपना घर बनाने का निर्णय लिया। भारत की नागरिकता हासिल करना उनके लिए कोई आसान काम नहीं था। उन्हें इसके लिए लगभग 16 साल तक लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। साल 2016 में भारत सरकार ने उन्हें औपचारिक रूप से भारतीय नागरिकता प्रदान की थी।
गायक का कहना है कि जब कोई व्यक्ति किसी देश को अपनी मर्जी से चुनता है, तो उसका प्यार उस देश के प्रति उन लोगों से भी गहरा होता है जो वहां केवल जन्म के आधार पर रहते हैं। उन्होंने कहा कि जन्म लेना किसी के हाथ में नहीं होता, लेकिन अपनी पहचान और अपनी मिट्टी को चुनना पूरी तरह से व्यक्ति का निजी और सचेत फैसला होता है। उन्होंने भारत को अपने पूरे दिल और आत्मा से चुना है, इसलिए किसी को भी उनकी निष्ठा पर सवाल उठाने का कोई अधिकार नहीं है।
पद्म श्री सम्मान और राजनीतिक विवादों पर सिंगर का रुख
साल 2020 में भारत सरकार ने अदनान सामी को कला के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान ‘पद्म श्री’ से नवाजा था। उस समय भी कई राजनीतिक दलों और आलोचकों ने इस फैसले पर सवाल खड़े किए थे। आलोचकों का तर्क उनके पारिवारिक पृष्ठभूमि को लेकर था। इस पर अदनान सामी ने हमेशा साफ किया है कि किसी व्यक्ति का मूल्यांकन उसके अपने कर्मों और योगदान के आधार पर होना चाहिए, न कि उसके पूर्वजों या परिवार के इतिहास के आधार पर।
अदनान ने कहा कि संगीत का कोई धर्म या देश नहीं होता, यह केवल दिलों को जोड़ने का काम करता है। उन्होंने भारतीय संगीत उद्योग को ‘कभी तो नजर मिलाओ’, ‘तेरा चेहरा’, ‘लिफ्ट करा दे’ और ‘भर दो झोली मेरी’ जैसे अनगिनत यादगार गाने दिए हैं। इन गानों ने सरहदों के पार जाकर लोगों के दिलों पर राज किया है। उनका मानना है कि भारत की जनता ने उन्हें हमेशा एक कलाकार और अपने परिवार के सदस्य की तरह प्यार दिया है, लेकिन कुछ मुट्ठी भर लोग लगातार नकारात्मकता फैलाने की कोशिश करते रहते हैं।
सोशल मीडिया ट्रोलिंग और आलोचकों को करारा जवाब
इंटरनेट और सोशल मीडिया के दौर में अक्सर हस्तियों को बिना वजह निशाना बनाया जाता है। अदनान सामी भी अक्सर पाकिस्तानी और भारतीय सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के बीच बहस का केंद्र बन जाते हैं। पाकिस्तानी ट्रोलर्स जहां उन पर देश छोड़ने का आरोप लगाते हैं, वहीं भारत में भी कुछ संकीर्ण मानसिकता वाले लोग उनकी पुरानी पहचान को लेकर तंज कसते हैं।
इस मुद्दे पर सिंगर ने दो टूक शब्दों में कहा कि उन्हें किसी को अपनी देशभक्ति साबित करने का प्रमाणपत्र देने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि वह एक गर्वित भारतीय हैं और देश के संविधान, संस्कृति और लोकतांत्रिक मूल्यों का पूरा सम्मान करते हैं। इतने वर्षों की सेवा और समर्पण के बाद भी जब उनसे उनकी पहचान को लेकर सवाल किए जाते हैं, तो यह बात उन्हें बेहद अजीब और दुखद लगती है। उन्होंने आलोचकों को सलाह दी कि वे अतीत में जीने के बजाय सकारात्मक चीजों और संगीत की शक्ति पर ध्यान दें।
भारतीय संस्कृति और संगीत से अदनान का गहरा आत्मीय रिश्ता
अदनान सामी हमेशा से भारतीय शास्त्रीय संगीत और यहां की सांस्कृतिक विविधता के मुरीद रहे हैं। उन्होंने पंडित शिवकुमार शर्मा और आशा भोसले जैसे महान कलाकारों के साथ मिलकर काम किया है। उनका मानना है कि भारत वह पावन भूमि है जहां संगीत केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक साधना है। इसी साधना और प्रेम ने उन्हें भारत की ओर खींचा और हमेशा के लिए यहीं का बना दिया।
सिंगर ने बातचीत के अंत में यह साफ किया कि चाहे कोई कुछ भी कहे, भारत उनके दिल में बसता है। मुंबई उनका घर है और यहां के लोग उनका परिवार हैं। वह अपने संगीत के जरिए हमेशा देश का नाम रोशन करते रहेंगे और भारत की सेवा में योगदान देते रहेंगे। उनके इस बेबाक बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनके फैंस उनके समर्थन में उतर आए हैं और उनके जवाब की जमकर सराहना कर रहे हैं।
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