केरल में हिंसक हुई सियासत: यूथ कांग्रेस और लेफ्ट (SFI-DYFI) के बीच खूनी भिड़ंत, आधी रात BJP प्रदेश मुख्यालय पर हमला; जानें किसने मचाया उपद्रव

केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में छात्र राजनीति से भड़की चिंगारी ने भीषण राजनीतिक हिंसा का रूप ले लिया है। तिरुवनंतपुरम यूनिवर्सिटी मेन्स हॉस्टल में हुए विवाद के बाद कांग्रेस की छात्र इकाई केएसयू (KSU), यूथ कांग्रेस और सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPI-M) की छात्र इकाई एसएफआई (SFI) व डीवाईएफआई (DYFI) के कार्यकर्ता सड़कों पर आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते पत्थरबाजी, आगजनी और लाठी-डंडों से शुरू हुआ यह संघर्ष पूरे शहर में फैल गया। इस तनाव के बीच आधी रात को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश मुख्यालय ‘मारारजी भवन’ पर अज्ञात उपद्रवियों ने हमला बोल दिया, जिसके बाद राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है।

हॉस्टल विवाद से शुरू हुआ खूनी संघर्ष

पूरे विवाद की शुरुआत तिरुवनंतपुरम स्थित यूनिवर्सिटी मेन्स हॉस्टल में छात्रों के दो गुटों के बीच झड़प से हुई थी। आरोप है कि एसएफआई और केएसयू कार्यकर्ताओं के बीच वर्चस्व को लेकर पहले कहासुनी हुई, जो जल्द ही हिंसक टकराव में बदल गई।

  • सड़कों पर पथराव और बोतलें: हॉस्टल में हुई झड़प के विरोध में जब यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने विरोध मार्च निकाला, तो दूसरी तरफ से डीवाईएफआई और एसएफआई के कार्यकर्ता भी मैदान में उतर आए। दोनों गुटों ने एक-दूसरे पर जमकर पथराव किया और कांच की बोतलें फेंकीं।

  • पुलिस पर हमला और आंसू गैस: स्थिति को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस टीम पर भी पथराव हुआ, जिसमें कई पुलिसकर्मी और दोनों पक्षों के कार्यकर्ता घायल हो गए। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले दागने पड़े।

  • नेय्याट्टिनकरा में कांग्रेस दफ्तर पर हमला: हिंसक टकराव केवल सड़कों तक सीमित नहीं रहा; नेय्याट्टिनकरा और आसपास के इलाकों में कांग्रेस (DCC) कार्यालयों में तोड़फोड़ की गई और एक इमारत को आग के हवाले करने की कोशिश की गई। कांग्रेस ने इसके लिए सीधे तौर पर सीपीएम और उसके विंग्स को जिम्मेदार ठहराया।

BJP के प्रदेश मुख्यालय पर हमला, बाइक सवारों ने फेंकी बोतलें

हॉस्टल विवाद और कांग्रेस-लेफ्ट की झड़प के बीच अचानक हिंसा का रुख भाजपा की ओर मुड़ गया। आधी रात को तिरुवनंतपुरम स्थित भाजपा के राज्य मुख्यालय (मारारजी भवन) पर अज्ञात हमलावरों ने धावा बोल दिया:

  • सीसीटीवी में कैद वारदात: सामने आए सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, देर रात एक मोटरसाइकिल पर दो नकाबपोश युवक आए और उन्होंने बीजेपी प्रदेश कार्यालय की इमारत को निशाना बनाते हुए कांच की बोतलें और पत्थर फेंके।

  • पूर्व प्रदेश अध्यक्ष की गाड़ी पर हमला: भाजपा का आरोप है कि मुख्यालय पर हमले से कुछ ही घंटे पहले पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष पीके कृष्णदास के वाहन को भी निशाना बनाया गया था।

किसने किया हमला? पार्टियों के बीच शुरू हुआ आरोप-प्रत्यारोप

हमले के बाद केरल में त्रिकोणीय सियासी संग्राम छिड़ गया है:

  1. भाजपा का कांग्रेस पर सीधा आरोप: भाजपा के राष्ट्रीय सचिव के. सुरेंद्रन और अन्य राज्य स्तरीय नेताओं ने दावा किया कि यह हमला कांग्रेस और यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा हताशा में किया गया सुनियोजित कृत्य है। भाजपा ने आरोप लगाया कि रात के अंधेरे में लोकतंत्र की हत्या की जा रही है और पार्टी इस हिंसा के आगे कभी नहीं झुकेगी। इसके विरोध में भाजपा ने राज्यव्यापी आंदोलन (Statewide Agitation) का आह्वान किया है।

  2. कांग्रेस का पलटवार: कांग्रेस नेतृत्व और विपक्ष के नेता वीडी सतीशन ने भाजपा के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। कांग्रेस का कहना है कि उनके कार्यकर्ताओं का इस हमले से कोई लेना-देना नहीं है। कांग्रेस का आरोप है कि सत्तारूढ़ सीपीएम हिंसा भड़काकर माहौल खराब कर रही है और अपने गुंडों के जरिए दोनों पक्षों पर हमले करवा रही है।

  3. लेफ्ट (CPI-M) का रुख: सत्तारूढ़ सीपीएम का कहना है कि यूथ कांग्रेस जानबूझकर शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने और राज्य सरकार को बदनाम करने के लिए उपद्रव कर रही है।

भारी पुलिस बल तैनात, जांच तेज

तिरुवनंतपुरम में बढ़ते तनाव को देखते हुए सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के मुख्यालयों, मंत्रियों के आवासों और संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती कर दी गई है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर अज्ञात बाइक सवार हमलावरों की पहचान शुरू कर दी है। हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन राजधानी में धारा 144 जैसे कड़े सुरक्षा इंतजाम लागू करने पर विचार किया जा रहा है।

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