एयर इंडिया एक्सप्रेस में अब क्या कांड हो गया? 35 मिनट की देरी पड़ गई भारी; 4 पायलट समेत 8 क्रू मेंबर्स 3 महीने के लिए सस्पेंड

टाटा समूह के स्वामित्व वाली बजट एयरलाइन एयर इंडिया एक्सप्रेस (Air India Express) एक बार फिर आंतरिक सुरक्षा नियमों और क्रू की लापरवाही को लेकर सुर्खियों में है। एयरलाइन ने एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान के पूरे क्रू दल—जिसमें 4 पायलट और 4 केबिन क्रू मेंबर्स शामिल हैं—को तत्काल प्रभाव से तीन महीने के लिए सस्पेंड कर दिया है।

यह पूरी कार्रवाई लैंडिंग के बाद होने वाले अनिवार्य पोस्ट-फ्लाइट ब्रेथ एनालाइजर (अल्कोहल/ड्रग) टेस्ट और डिक्लेरेशन में महज 35 मिनट की देरी होने की वजह से की गई है। हालांकि सभी सदस्यों की मेडिकल टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आई है, लेकिन विमानन नियामक डीजीसीए (DGCA) के सख्त प्रोटोकॉल का पालन न करने पर एयरलाइन ने जीरो टॉलरेंस नीति के तहत यह कड़ा फैसला लिया।

क्या है पूरा मामला?

घटना 2 अगस्त की है, जब एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट (IX 192) दुबई से उड़ान भरकर पंजाब के अमृतसर स्थित श्री गुरु राम दास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुबह लगभग 9:50 बजे लैंड हुई थी।

  • 2 घंटे की डेडलाइन: नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) के सुरक्षा नियमों के मुताबिक, भारतीय एयरलाइंस की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के सभी क्रू मेंबर्स को भारत में विमान के उतरने के ठीक 2 घंटे के भीतर अनिवार्य पोस्ट-फ्लाइट मेडिकल/अल्कोहल टेस्ट पूरा करना होता है।

  • 35 मिनट की देरी: क्रू मेंबर्स ने निर्धारित दो घंटे की समयसीमा बीत जाने के बाद, यानी लैंडिंग के 2 घंटे 35 मिनट बाद जाकर अपना टेस्ट और डिक्लेरेशन सबमिट किया।

देरी की क्या वजह सामने आई?

एयरलाइन और एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार:

  • लैंडिंग के बाद एक क्रू मेंबर की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। इसके चलते पूरा क्रू पोस्ट-अराइवल की सामान्य औपचारिकताएं (इमिग्रेशन और कस्टम्स क्लीयरेंस) पूरी करके सीधे अपने तय होटल के लिए रवाना हो गया।

  • होटल पहुंचने के बाद जब उन्हें टेस्ट की याद आई, तो वे दोबारा एयरपोर्ट लौटे, लेकिन तब तक डीजीसीए की 2 घंटे की तय समयसीमा खत्म हो चुकी थी और 35 मिनट का अतिरिक्त समय बीत चुका था।

रिपोर्ट नेगेटिव, फिर भी क्यों हुआ 3 महीने का सस्पेंशन?

देरी से पहुंचे सभी 8 क्रू सदस्यों का ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट और साइकोएक्टिव सब्सटेंस स्क्रीनिंग कराई गई, जिसमें सभी की रिपोर्ट पूरी तरह नेगेटिव (Negative) आई, यानी किसी ने भी शराब या किसी नशीले पदार्थ का सेवन नहीं किया था।

इसके बावजूद यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि:

  1. DGCA के कड़े नियम: एविएशन सेफ्टी नियमों के तहत, दो घंटे की तय विंडो के भीतर टेस्ट न कराना तकनीकी रूप से ‘टेस्ट से बचने’ या नियमों के गंभीर उल्लंघन की श्रेणी में आता है, भले ही परिस्थिति कोई भी रही हो।

  2. एयरलाइन ने खुद की रिपोर्ट: एयर इंडिया एक्सप्रेस प्रबंधन ने मामले को दबाने के बजाय इसकी आधिकारिक सूचना खुद डीजीसीए को दी और जांच पूरी होने तक चारों पायलटों और चारों केबिन क्रू को रोस्टर से हटाते हुए 3 महीने के लिए निलंबित कर दिया।

हालिया विवादों के बाद सुरक्षा नियमों पर बढ़ी सख्ती

एविएशन इंडस्ट्री में क्रू मेंबर्स की मेडिकल और ड्रग टेस्टिंग को लेकर हाल के दिनों में अभूतपूर्व सख्ती देखी जा रही है। हाल ही में फुकेत-दिल्ली फ्लाइट की एक गंभीर घटना की जांच के दौरान पायलट के टेस्ट को लेकर उठे विवाद के बाद एयर इंडिया समूह ने सभी क्रू मेंबर्स के लिए औचक जांच और सुरक्षा नियमों को बेहद कड़ा कर दिया है। इस निलंबन के जरिए एयरलाइन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल और तय समयसीमा के मामले में 1 मिनट की भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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